पुणे के आईटी इंजीनियर अमित ब्रह्मे आत्महत्या मामले में एक बड़ा और अहम खुलासा हुआ है. इस मामले की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही सुसाइड नोट 'आज तक' के हाथ लगी है. अमित ब्रह्मे ने 2 जून को दोपहर करीब 4 बजे यह सुसाइड नोट लिखने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.
घटना के बाद भोसरी पुलिस ने जांच शुरू की और टीसीएस कंपनी में कार्यरत वरिष्ठ सहयोगी अर्चना और शाश्वती समेत एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है.
अब यह मामला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है. इस बीच नेशनल इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सीनेट (NITES) के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की है.
इस संबंध में संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि आईटी क्षेत्र में कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर कथित उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों की भी विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
आइए अब देखते हैं कि सुसाइड नोट में आखिर क्या लिखा गया है...
"नमस्कार, मैं अमित ब्रह्मे पूरी तरह होश-ओ-हवास में यह सुसाइड नोट लिख रहा हूं. मुझे कई लोगों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित, अपमानित और परेशान किया गया है. मेरी आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब हो चुकी है. मेरी आत्महत्या के लिए नीचे बताए गए लोग जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.
टीसीएस हिंजवड़ी के डीईजी प्रोजेक्ट में कार्यरत शाश्वती और अर्चना ने पिछले दो महीनों से मुझे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. उन्होंने कई बार सबके सामने मेरा अपमान किया. कम वेतन पर नौकरी देने के बावजूद बिना पूरी ट्रेनिंग दिए मुझसे काम की अपेक्षा की गई. मेरे साथ लगातार दुर्व्यवहार किया गया. मुझे खराब फीडबैक देने की धमकी दी गई. बाद में मुझे खराब रेटिंग देकर प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया गया. इन दोनों ने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया.
पत्नी के गंभीर बीमारी के दौरान, पिता की बीमारी और उनके निधन के समय छुट्टी मांगने पर भी मुझे परेशान किया गया. ये दोनों आगे भी अन्य कर्मचारियों को इसी तरह प्रताड़ित कर सकती हैं, इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
इसके अलावा विनोद पालीचा नामक व्यक्ति ने भी मेरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया. उसकी पत्नी उसके अत्याचारों और जान के खतरे के कारण उसे छोड़कर चली गई थी. उस मामले से हमारा कोई संबंध नहीं था, वह उसका व्यक्तिगत फैसला था. लेकिन मेरे मित्र विनोद ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए और हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस की जांच में मैं निर्दोष पाया गया.
विनोद भले ही एक वरिष्ठ नागरिक दिखाई देता हो, लेकिन वह झूठ बोलने वाला और बेहद धूर्त व्यक्ति है. उससे मेरे परिवार को भविष्य में भी खतरा हो सकता है. खुद के पत्नी के अपहरण का मामला सिंगापुर में दर्ज है. उसने मेरी कंपनी के एचआर को मेरे खिलाफ झूठे ई-मेल भेजकर मेरी छवि खराब करने की कोशिश की.
मेरी विनम्र अपील है कि अर्चना, शाश्वती और विनोद के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और मेरे परिवार को न्याय दिलाया जाए."
अमित ब्रह्मे आत्महत्या मामले में हमने TCS को पत्र भेजा है. इस मामले को लेकर कंपनी के एचआर विभाग के अधिकारी हमसे मिलने आए थे. उन्होंने जांच में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है. यह जानकारी भोसरी पुलिस ने दी है.
श्रीकृष्ण पांचाल