नवनीत राणा ने कहा- हनुमान चालीसा के पाठ पर जेल में डाला, उद्धव को जवाब मिलेगा

सांसद नवनीत राणा ने 'आज तक' के थर्ड डिग्री प्रोग्राम में हनुमान चालीसा वाले मसले पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने सीएम उद्धव पर कई सवाल उठाए. राणा ने कहा, हनुमान चालीसा के पाठ से किसी को क्या दिक्कत है.

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थर्ड डिग्री प्रोग्राम में नवनीत राणा थर्ड डिग्री प्रोग्राम में नवनीत राणा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2022,
  • अपडेटेड 11:55 PM IST
  • 'असली हिंदू कौन ये शिवसेना नहीं बताएगी'
  • 'उद्धव घर से नहीं निकलते हैं'
  • 'मैंने कोई माहौल खराब नहीं किया'
  • 'सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ मैदान में उतरूंगी'

सांसद नवनीत राणा 'आज तक' के थर्ड डिग्री प्रोग्राम में काफी मुखर नजर आईं. उन्होंने कहा, मुझे बिना जुर्म के जेल में डाला गया. मैं अगर हनुमान चालीसा का पाठ करती हूं तो इससे किसी को क्या दिक्कत है. मैं खुद के मेहनत से यहां तक पहुंची हूं. सांसद राणा ने कहा, मैं रोड पर आ गई फिर भी हनुमान चालीसा का पाठ करती रहूंगी. उन्होंने कहा, उद्धव ने मेरे साथ जो किया इसका जवाब उन्हें मिलेगा. हम रुकेंगे नहीं, लड़ाई जारी रहेगी. मैंने  हनुमान चालीसा का पाठ किया तो मुझे और पति को जेल में डाल दिया गया.

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'असली नकली हिंदू कौन ये शिव सेना नहीं बताएगी'
मैं हिंदुस्तान की बेटी हूं, लोग मुझे सुनते हैं. राणा ने कहा, कौन असली या नकली हिंदू है ये शिव सेना नहीं बताएगी. फडणवीस सरकार में विकास हुआ. आज महाराष्ट्र में तीन गुना ज्यादा बेरोजगारी है. महाराष्ट्र में बेरोजगारी चरम पर है. सीएम उद्धव बेरोजगारी पर बात नहीं करते हैं. थानों में नियमों की अनदेखी हुई. राणा ने कहा, सीएम उद्धव का विरोध करो तो BMC घर तोड़ने पहुंच जाती है. लेकिन हम कोर्ट का सम्मान करते हैं.

'मोदी जी देश को दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं '
सांसद राणा ने कहा, सीएम को गली घूमकर महाराष्ट्र का हाल जानना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर उद्धव में बाला साहब वाला अंदाज होता तो वे मुख्यमंत्री नहीं बनते. पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत लड़ाई लड़ती रहूंगी. मोदी जी देश को दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं.      

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'हमारे सीएम घर से नहीं निकलते हैं'
राणा ने कहा कि मोदी जी किसानों से बात करते हैं. स्टूडेंट से बात करते हैं. लेकिन हमारे सीएम घर से नहीं निकलते हैं. उन्होंने कहा, मैंने कोई जुर्म नहीं किया था. पॉवर का गलत इस्तेमाल किया गया और मुझे जेल में डाला गया. मैंने एक धर्म के लोगों को बिल्कुल नहीं उकसाया. हम हर साल अमरावती में महिलाओं के साथ हनुमान चालीसा पढ़ते हैं. सांसद ने कहा, जेल में मैंने 101 बार हनुमान चालीसा पढ़ा था. सांसद नवनीत राणा ने कहा, मुझे जेल में बैठने के लिए चटाई तक नहीं दी गई.  

'उद्धव को जवाब मिलेगा'
नवनीत राणा ने आज तक के थर्ड डिग्री प्रोग्राम में कहा, मैंने इस मुकाम तक पहुंचने में बहुत मेहनत की है. उन्होंने कहा, संकटमोचन को तभी याद किया जाता है जब आदमी मुश्किल में होता है. इसलिए मैंने उद्धव के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का फैसला किया. ये मुसीबत मेरे राज्य के लोगों पर है. सीएम उद्धव को रामभक्त, हुनमान भक्त जवाब देंगे. 

महिला के खिलाफ शक्ति का दुरुपयोग
नवनीत राणा ने सीएम उद्धव ठाकरे पर एक महिला के खिलाफ अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. उन्होंने उद्धव ठाकरे से यहां तक पूछा लिया कि अगर उनकी पत्नी को बिना उसकी गलती के जेल में डाल दिया जाए तो उन्हें कैसा लगेगा? 

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'मैंने कोई माहौल खराब नहीं किया'
नवनीत राणा ने हनुमान चालीसा पढ़ने के ऐलान वाले बयान का बचाव किया और कहा- वह (उद्धव) अपनी रैलियों में कहते हैं कि हम हिंदुत्ववादी हैं. उन्होंने कहा कि एक आस्तिक के घर के बाहर हनुमान चालीसा का जाप करने से सांप्रदायिक माहौल खराब नहीं होता है. माहौल तो तब खराब होता, जब आप इसे किसी अन्य धर्म के घर के बाहर करते हैं. मैंने कोई माहौल खराब नहीं किया.

नवनीत राणा ने कहा कि जेल में रहते हुए उनका अपने पति या बच्चों से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था. जब मेरे बच्चे पूछते हैं कि मां आप जेल में क्यों थीं तो मैं उन्हें क्या जवाब दूंगी? जेल में मुझे सिर्फ हनुमान चालीसा ने हिम्मत दी. मैंने इसे हर दिन पढ़ा. 

'मैं एक फाइटर हूं'
नवनीत राणा ने कहा कि जेल जाने के बावजूद मैं कमजोर नहीं पड़ी हूं. उन्होंने उद्धव ठाकरे पर हमला किया और कहा- मुझे इतनी आसानी से कोई कमजोर नहीं कर सकता. मैं एक फाइटर हूं. मैं किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं डरती, जिसने अपनी पूरी जिंदगी कोई काम नहीं किया है और सिर्फ किसी और के नाम का इस्तेमाल करके इस पॉजिशन में है.

'सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ मैदान में उतरूंगी'
उन्होंने संकेत दिया कि वह आने वाले चुनावों में सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगी. मैं उनसे कहती हूं - कंप्टीशन करो और मैं तुम्हारे सामने रहूंगी. उन्होंने कहा- अगर वह सीएम बनना चाहते हैं तो उन्हें अपना घर छोड़ देना चाहिए और लोगों की सेवा के लिए मैदान में आना चाहिए.

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