EXCLUSIVE: 'वे मेरी छाती को घूरते थे...' नासिक TCS कांड की कहानी, दहला देंगी पीड़िता की ये बातें

महाराष्ट्र के नासिक TCS कांड में सिर्फ जूनियर स्टाफ को ही निशाना नहीं बनाया गया, एक महिला टीम लीडर का भी यौन शोषण हुआ. इस पीड़िता ने जो बयान दिए हैं, वो दहलाने वाले हैं. पीड़िता का कहना है कि चार साल से उसे लगातार उत्पीड़न झेलना पड़ा. प्राइवेट लाइफ पर शर्मनाक कमेंट किए गए. मिसकैरेज जैसे मामले पर अपमानित हुई. कई बार शिकायत की, लेकिन एक्शन नहीं हुआ.

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नासिक कांड में आरोपियों ने महिला टीम लीडर को भी बनाया निशाना. (FIle Photo: ITG) नासिक कांड में आरोपियों ने महिला टीम लीडर को भी बनाया निशाना. (FIle Photo: ITG)

दिव्येश सिंह

  • नासिक,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST

महाराष्ट्र में नासिक TCS कांड में एक पीड़िता ने अपने बयानों में जो आरोप लगाए हैं, वे दहला देने वाले हैं. 11 साल से कंपनी में काम कर रही इस महिला का आरोप है कि उसे 4 साल तक लगातार यौन उत्पीड़न, अश्लील कमेंट और प्राइवेट लाइफ पर आपत्तिजनक बातों का सामना करना पड़ा. कई शिकायतों के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कंपनी में कोई एक्शन नहीं हुआ.

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इससे पहले सामने आया था कि कैसे टेलीकॉलर या एसोसिएट के तौर पर काम करने वाली महिलाओं को सात से आठ कर्मचारियों के गैंग ने निशाना बनाया. उन्होंने पीड़ितों का यौन उत्पीड़न किया, बैड टच किया. प्राइवेट लाइफ और उनके धार्मिक रीति-रिवाजों पर आपत्तिजनक कमेंट किए. आरोपियों ने टीम लीडर के तौर पर काम करने वाली महिला को भी निशाना बनाया. यह उत्पीड़न चार साल तक चलता रहा. पीड़िता ने सीनियर्स से भी कई बार शिकायत की.

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नासिक TCS में पीड़िता को जिन स्थितियों का सामना करना पड़ा, वह बेहद शर्मनाक और बदतर थीं. शिकायतों के बाद भी आरोपियों पर सख्त एक्शन नहीं हुआ. शिकायत में कहा गया है कि इस सेंटर में कपड़े, बॉडी, रूप-रंग और अन्य बातों पर कमेंट करना आम था.

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पीड़िता ने अपने बयान में कहा- मैं बीते 11 साल से TCS में काम कर रही हूं और पिछले 7 साल से TCS नासिक ब्रांच में टीम लीडर हूं. लीडरशिप टीम में छह लोग हैं, जो सभी ऑपरेशंस हेड अश्विनी चैनानी और अन्य अधिकारियों के अंडर में काम करते हैं. मेरे सुपरविजन में 27 एसोसिएट काम कर रहे हैं, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों हैं.

मैं जिस डिपार्टमेंट में काम करती हूं, वहां हम बैंक के क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को कॉल करते हैं. मुझे मिलाकर ऑफिस में पांच अन्य टीम लीडर हैं. हमारा काम दो शिफ्ट में होता है. पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और दूसरी शिफ्ट सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक होती है.

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दानिश शेख, तौसीफ शेख, रजा मेमन, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, आसिफ अंसारी, और एक और व्यक्ति हमारे ऑफिस में काम करते हैं, मैं उन्हें अच्छी तरह जानती हूं. इन लोगों ने ऑफिस में एक गुट बना लिया है और जान-बूझकर दूसरे धर्मों के स्टाफ को परेशान करते हैं. वे मूर्तियों के बारे में अपमानजनक बातें कहते हैं, अश्लील कमेंट करते हैं और महिलाओं को सिर से पांव तक गलत तरीके से घूरते हैं.

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साल 2022 की बात है. मैं एक मीटिंग में बैठी थी. तभी शफी शेख मेरे सामने करीब 3 फीट की दूरी पर खड़ा था. अचानक मुझे एहसास हुआ कि वह लगातार मेरी छाती की तरफ घूर रहा है और मुस्कुरा रहा है. मैं बेहद असहज हो गई. मैं वहां से तुरंत उठकर बाहर चली गई. बाहर जाकर मैं रो पड़ी.

मैंने इस बारे में एक अन्य टीम लीडर को बताया, जिन्होंने मुझे संभाला और सीनियर मैनेजर के पास लेकर गए. मैंने पूरी घटना बताई और ईमेल के जरिए शिकायत भी दर्ज कराई. लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ इतना हुआ कि शफी शेख का विभाग बदल दिया गया.

इसके बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला. वह बिना किसी वजह मेरे आसपास घूमता रहता था, मुझसे बात करने की कोशिश करता था. मैंने कई बार उसे नजरअंदाज किया, लेकिन वह बाज नहीं आया. मेरे अलावा कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी उसके खिलाफ शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

'संतान नहीं है? एक नंबर देता हूं अजमेर चली जाओ'

फरवरी 2026 की एक घटना मैं कभी नहीं भूल सकती. उस समय मैं बहुत परेशान थी, क्योंकि मेरा हाल ही में मिसकैरेज हुआ था. उसी दौरान लंच ब्रेक में तौसीफ अत्तार मेरे पास आया. उसने मेरी तबीयत के बारे में पूछा. जब मैंने उसे अपनी स्थिति बताई, तो उसने मुझे ऊपर से नीचे तक घूरा और अजीब नजरों से देखने लगा.

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फिर उसने मुझसे कहा कि मैं तुम्हें अजमेर के एक मौलवी का नंबर दूंगा. अगर तुम वहां जाओगी, तो तुम्हें बच्चा जरूर होगा. यह सुनकर मैं अंदर से टूट गई. मेरी प्राइवेट लाइफ और इतने संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की बात मेरे लिए बेहद अपमानजनक था. मैंने उस समय कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने कई बार इस विषय पर मुझसे बात करने की कोशिश की, जबकि मैं साफ तौर पर मना कर चुकी थी. इसके अलावा साल 2022 से फरवरी 2026 के बीच TCS नासिक में काम करने वाला शफी शेख मीटिंग के दौरान छाती को घूरता रहता था.

2022 से लेकर फरवरी 2026 तक यह सब लगातार चलता रहा. मीटिंग्स में, ऑफिस के अंदर, हर जगह मुझे घूरा जाता था. मेरे कपड़ों, मेरे शरीर, मेरी प्राइवेट लाइफ- हर चीज पर कमेंट किए जाते थे. मैंने शफी शेख और तौसीफ अत्तार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है, जो पुलिस द्वारा दर्ज की गई नौ FIRs का हिस्सा है.

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(प्रवीण ठाकरे के इनपुट के साथ)

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