गे-डेटिंग ऐप पर हुई दोस्ती, लिफ्ट के बहाने बिछा जाल... नागपुर में ऐसे चलता था किडनैपिंग और लूट का खेल

डेटिंग ऐप पर चैट हुई. कुछ दिनों में दोस्ती हुई. मिलने का प्लान बना. लेकिन सामने वाला दोस्त नहीं, एक पूरा गैंग निकला. महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर गे-डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को निशाना बनाता था. आरोप है कि पहले विश्वास में लिया, फिर लिफ्ट मांगकर या मिलने के बहाने बुलाकर अपहरण किया जाता. और आखिर में एटीएम कार्ड से पैसे तक निकलवा लिए जाते. अब पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं.

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दोस्ती के नाम पर युवकों को फंसाता था गैंग. (Photo: Screengrab) दोस्ती के नाम पर युवकों को फंसाता था गैंग. (Photo: Screengrab)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST

ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर दोस्ती अब नई बात नहीं है. लेकिन नागपुर जो कहानी सामने आई, उसमें लूट की घटना के लिए एक गैंग डेटिंग एप का इस्तेमाल कर रहा था. नागपुर पुलिस का कहना है कि पांच लोगों का एक गैंग गे-डेटिंग ऐप पर फर्जी आईडी के जरिए युवकों से संपर्क करता था. पहले कई दिनों तक बातचीत होती, भरोसा बनाया जाता और फिर मिलने का समय तय होता. इसके बाद साजिश का खेल शुरू होता था.

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पुलिस के मुताबिक, 22 जून की रात एक डिलीवरी बॉय काम खत्म कर अपनी एक्टिवा से घर लौट रहा था. मांकापुर चौक के पास एक युवक ने उससे लिफ्ट मांगी. मदद के इरादे से उसने उसे स्कूटी पर बैठा लिया. कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही बाकी साथी भी वहां आ गए. आरोप है कि सभी ने मिलकर युवक का अपहरण कर लिया. उसका मोबाइल, बाइक की चाबी और एटीएम कार्ड छीन लिया गया. इसके बाद उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार धमकाया गया.

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित के परिचितों को फोन कर अलग-अलग बहाने बनाए और उसके खाते में पैसे डलवा दिए. दोस्तों और जान-पहचान के लोगों ने करीब 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. फिर उसी एटीएम कार्ड से पूरी रकम निकाल ली गई.इस घटना की शिकायत मिली तो पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की. 

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यह भी पढ़ें: गे-डेटिंग ऐप पर पार्टनर की तलाश, सुनसान जगह पर पहुंचा युवक... फिर शुरू हुआ लूट और मारपीट का खेल

मांकापुर पुलिस ने तीन टीमें बनाई. घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस पांचों आरोपियों तक पहुंच गई. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद शेख जाकिर, कुणाल मांद्रे, सुल्तान अली सैयद, फरहान फैजान खान और शिजान शेख फकरुद्दीन के रूप में हुई है. 

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या इसी तरीके से दूसरे लोगों को भी निशाना बनाया गया था. फिलहाल पांचों आरोपी गिरफ्तार हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था.

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