महाराष्ट्र: मंत्रियों के विभाग तय, लेकिन प्रभारी मंत्रियों पर अटकी गाड़ी

कांग्रेस नेता व महाराष्ट्र के उद्धव सरकार में मंत्री अशोक चव्हाण से लेकर एनसीपी नेता और डिप्टीसीएम अजित पवार तक दावा कर रहे हैं कि मंत्रालय के विभागों को लेकर सारी समस्या हल कर ली गई है. इसके बाद भी जिले के प्रभारी मंत्रियों की जिम्मेदारी के बंटवारे को लेकर पेच फंसा हुआ है, जिसकी वजह से गाड़ी अटकी हुई है.

Advertisement
शरद पवार, उद्धव ठाकरे, बालासाहेब थोराट शरद पवार, उद्धव ठाकरे, बालासाहेब थोराट

साहिल जोशी

  • मुंबई,
  • 03 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:28 PM IST

  • महाराष्ट्र में अभी तक विभागों के नहीं हो सके हैं बंटवारे
  • उद्धव सरकार में जिला प्रभारी मंत्री पर फंसा पेच

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्रियों के विभाग लगभग तय हो गए हैं, इसके बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है. कांग्रेस नेता व उद्धव सरकार में मंत्री अशोक चव्हाण से लेकर एनसीपी नेता और डिप्टीसीएम अजित पवार तक दावा कर रहे हैं कि मंत्रालय के विभागों को लेकर सारी समस्या हल कर ली गई है. इसके बाद भी जिले के प्रभारी मंत्रियों की जिम्मेदारी के बंटवारे को लेकर पेच फंसा हुआ है, जिसकी वजह से गाड़ी अटकी हुई है.

Advertisement

मंत्रालय के विभाग बंटवारे पर फंसा पेच

उद्धव सरकार में शामिल कांग्रेस ने की मांग रखकर मामले को उलझा दिया था. विभागों के बंटवारे पर मारामारी अभी थमी भी नहीं थी कि कांग्रेस ने विभिन्न जिलाें केे बनाए जा रहे प्रभारी मंत्रियों को लेकर अपनी मांगे रख मामले में टांग अड़ा दी है. कांग्रेस चाहती है कि उसके मजबूत गढ़ में उसके ही कोटे को मंत्रियों को जिला प्रभारी मंत्री बनाया जाए। इसे लेकर शिवेसना, कांग्रेस और एनसीपी नेताओं की गुरुवार को बैठक भी हुई है, जिसमें कई समस्या को सुलझा लेने का दावा किया गया है.

अजित पवार का दावा 95 फीसदी मामलों पर एकमत

एनसीपी नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि हुई है, इसमें गार्डियन मिनिस्टर ( जिला प्रभारी मंत्रियों) और विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा हुई. हम 95 फीसदी मामलों पर एकमत है और हमने मुख्यमंत्री के ऊपर फैसला छोड़ दिया है. शुक्रवार को मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की घोषणा कर दी जाएगी.

Advertisement

अशोक चव्हाण का दावा सारे मुद्दे हल हो गए

कांग्रेस नेता और मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि सभी मुद्दे हल कर लिए गए है, हमने कांग्रेस के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है. इश्यू मंत्रियों के विभागों का था और जिले के प्रभारी मंत्रियो का था. इन विषयों का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा है, जिस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे. हालांकि साथ ही उन्होंने दावा किया है कि हमारे नाराज नेताओ को हम मना लेंगे. महाराष्ट्र में अब तीन दलों की सरकार है और हम मिलकर सारी समस्या का समाधान तलाश लेंगे.

चार मंत्री में तीन महत्वपूर्ण विभाग कैसे बांटें

दरअसल महाराष्ट्र कैबिनेट में कांग्रेस के कोटे से कुल 12 मंत्री बनाए गए हैं, जिनमें पार्टी के चार वरिष्ठ नेता मंत्री बने हैं. कांग्रेस को विभाग बंटवारे में तीन ही महत्वपूर्ण विभाग मिल रहे हैं. पूर्व सीएम अशोक चव्हाण और बालासाहेब थोराट दोनों ने राजस्व विभाग के लिए दावा कर रहे हैं तो नितिन राउत ने लोक निर्माण विभाग पर अपना दावा ठोक दिया है. ऐसे में कांग्रेस इस कशमकश में है कि किसे वो हलका विभाग देकर संतुलन बनाए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »