'100 करोड़ की वसूली' मामले में अनिल देशमुख ने क्यों दिया इस्तीफा? नवाब मलिक ने बताई वजह

'100 करोड़ की वसूली' के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जैसे ही सीबीआई जांच का फैसला सुनाया, वैसे ही महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आ गया. फैसला आते ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

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अनिल देशमुख ने गृह मंत्री पद से दिया इस्तीफा (फाइल फोटो) अनिल देशमुख ने गृह मंत्री पद से दिया इस्तीफा (फाइल फोटो)

साहिल जोशी

  • मुंबई,
  • 05 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST
  • अनिल देशमुख ने सौंपा इस्तीफा
  • दिलीप पाटिल होंगे नए गृह मंत्री

'100 करोड़ की वसूली' के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जैसे ही सीबीआई जांच का फैसला सुनाया, वैसे ही महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आ गया. फैसला आते ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया गया है. दिलीप वाल्से पाटिल नए गृह मंत्री बन सकते हैं.

इस मामले में कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, 'हाई कोर्ट के आदेश आने के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने NCP के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की और अपनी इच्छा ज़ाहिर कि वे अपने पद पर नहीं रहना चाहते, जिसके बाद पार्टी ने निर्णय लिया है कि वे मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा दें.'

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आगे कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, 'पार्टी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से निवेदन किया है कि वे गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा स्वीकारे. इस्तीफा देने के लिए गृह मंत्री अनिल देशमुख मुख्यमंत्री के घर गए हुए हैं और हमें आशा है कि वे इस्तीफा स्वीकार करेंगे.' 

खबर है कि सीएम उद्धव ठाकरे ने अनिल देशमुख का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और गृह मंत्रालय का चार्ज दिलीप पाटिल को सौंपा जा सकता है. दिलीप वाल्से पाटिल अभी उद्धव सरकार में लेबर और एक्साइज मिनिस्टर के पद पर हैं. यानी कि वाल्से महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री हो सकते हैं.

बताया जा रहा है कि अनिल देशमुख का इस्तीफा ऐसे वक्त हुआ है, जब महाराष्ट्र सरकार के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था. हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच शुरू हो जाएगी और 15 दिन के अंदर एफआईआर लिखी जा सकती है. ऐसे में अगर बतौर गृह मंत्री अनिल देशमुख का नाम एफआईआर में आता तो सरकार की और फजीहत होती.

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आपको बता दें कि '100 करोड़ वसूली' के मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने हाईकोर्ट का रुख किया था. बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार सुबह ही निर्देश दिया था कि इन आरोपों की जांच सीबीआई करे. सीबीआई को अगले पंद्रह दिनों में एक शुरुआती रिपोर्ट देनी होगी, इसी के बाद ये तय होगा कि अनिल देशमुख पर FIR दर्ज होगी या नहीं.

 

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