'17 दिन में बेटा और पापा दोनों चले गए', केतन के पिता का रो-रोकर बुरा हाल

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में उनके पिता ने पहली बार अपना दर्द खुलकर बयां किया है. उन्होंने कहा कि बेटे की हत्या के 17 दिन बाद उनके पिता भी सदमे में चल बसे. परिवार ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और सभी दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा देने की मांग की है.

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केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की. (Photo: ITG) केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • पुणे,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

पुणे के 24 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में परिवार का दर्द एक बार फिर सामने आया है. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बेटे की मौत के करीब एक महीने बाद भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका परिवार आज भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाया है. उन्होंने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई और कहा कि उनकी सिर्फ एक ही मांग है कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द और कठोर से कठोर सजा मिले. केतन के पिता ने कहा कि 18 जून 2026 को उनके बेटे की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया. इस दुख से परिवार अभी संभल भी नहीं पाया था कि 17 दिन बाद उनके पिता का भी निधन हो गया. उनका कहना है कि बेटे की हत्या का सदमा उनके पिता सहन नहीं कर सके. अब उनके परिवार में एक साथ दो अपूरणीय क्षति हो चुकी है.

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विशाल अग्रवाल कहा कि हर पिता का सपना होता है कि वह अपने बेटे की शादी करे, उसका घर बसते हुए देखे और उसे खुशहाल जीवन जीते हुए देखे. लेकिन उनके परिवार के साथ सब कुछ उल्टा हो गया. जिस बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं, उसी की अर्थी उठानी पड़ी. इसके कुछ ही दिनों बाद उनके पिता भी दुनिया छोड़कर चले गए. उन्होंने कहा कि इस दुख को शब्दों में बयां करना संभव नहीं है. केतन के पिता ने न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच पूरी ईमानदारी और व्यवस्थित तरीके से कर रही है. उन्हें जांच पर कोई संदेह नहीं है. उनकी सिर्फ इतनी मांग है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, ताकि सभी दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके.

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केतन के पिता ने हाथ जोड़कर लगाई गुहार

साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी पत्र लिखकर सिर्फ निष्पक्ष न्याय की मांग की है. उनका कहना है कि उन्होंने किसी पर दबाव बनाने की कोशिश नहीं की है. उन्होंने सिर्फ यह निवेदन किया है कि उनके बेटे के साथ जो अन्याय हुआ, उसमें कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई हो और दोषियों को कठोर सजा मिले. केतन के पिता ने शादी तय कराने वालों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस रिश्ते की मध्यस्थता उनके सगे मामा नरेंद्र जगन्नाथ मित्तल और उनकी पत्नी रेनू नरेंद्र मित्तल ने की थी. दोनों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि लड़की बहुत संस्कारी है और उसे अपनी बेटी की तरह समझें. इसी भरोसे पर परिवार ने यह रिश्ता स्वीकार किया था.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब जांच के दौरान जो बातें सामने आ रही हैं, उनसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सच्चाई का पता पुलिस जांच से ही चलेगा. उन्होंने मांग की कि नरेंद्र जगन्नाथ मित्तल और रेनू नरेंद्र मित्तल से भी निष्पक्ष पूछताछ होनी चाहिए, ताकि यदि किसी को पहले से कोई जानकारी थी तो वह भी सामने आ सके.

विशाल अग्रवाल कहा कि वह किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं. उनका पूरा भरोसा पुलिस और न्यायपालिका पर है. उनका कहना है कि जो भी शख्स इस घटना में शामिल होगा, उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए. यदि जांच में किसी और की भी भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. केतन के पिता ने समाज से भी भावुक अपील की. उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों ने अब तक उनके परिवार का साथ दिया है, उसी तरह आगे भी न्याय की लड़ाई में उनका सहयोग करते रहें. उनका कहना है कि किसी भी परिवार के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा नहीं होना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि यदि किसी को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था तो साफ तौर पर मना किया जा सकता था. लेकिन किसी निर्दोष युवक की जान लेने का किसी को कोई अधिकार नहीं है. उनका बेटा पढ़ा-लिखा, संस्कारी और अपने पैरों पर खड़ा होने वाला युवक था. आज भी उनके मन में यही सवाल है कि आखिर उसके साथ ऐसा क्यों हुआ. दरअसल, पुणे की एक रियल एस्टेट फर्म के निदेशक 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून 2026 को पुणे जिले में लोनावला के पास स्थित लोहगढ़ किले में एक खाई में गिरने से मौत हो गई थी. शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था. हालांकि बाद में पुलिस जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का निकला.

दोषियों को जल्द और कठोर सजा की मांग करी

जांच में सामने आया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल का चेतन चौधरी नाम के युवक के साथ प्रेम संबंध था. पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को लोहगढ़ पहाड़ी से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी. उस समय सिया की शादी केतन से होने वाली थी, लेकिन वह चेतन चौधरी से प्रेम करती थी. पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले की जांच के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी को 23 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया. दोनों फिलहाल पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं. मामले की जांच जारी है. इस बीच केतन के पिता विशाल अग्रवाल लगातार एक ही मांग दोहरा रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें पुलिस और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और इस मामले में जो भी दोषी हों, उन्हें जल्द से जल्द कठोर सजा मिले, ताकि उनके बेटे को न्याय मिल सके और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े.

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रिपोर्ट- Gopal Harne

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