महाराष्ट्र का चंद्रपुर जिला एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते खूनी संघर्ष का गवाह बना है. जिले के सिंदेवाही तहसील के अंतर्गत आने वाले गुंजेवाही इलाके में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां के जंगलों में घात लगाए बैठे एक बाघ ने तेंदूपत्ता तोड़ने गई चार महिलाओं पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया.
चंद्रपुर के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी और वीभत्स घटनाओं में से एक है, जहां एक ही समय में बाघ के हमले में चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुंजेवाही गांव की रहने वाली ये महिलाएं रोजमर्रा की तरह आज सुबह गांव के पास स्थित घने जंगल में तेंदूपत्ता लेने के लिए गई थीं.
महिलाएं जब काम में व्यस्त थीं, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. जंगल के भीतर चीख-पुकार मच गई, लेकिन जब तक कोई उनकी मदद के लिए पहुंचता, बाघ ने चारों महिलाओं को बुरी तरह लहूलुहान कर मार डाला था.
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इस सामूहिक शिकार की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे इलाके में कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग (Forest Department) के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की.
इस भयावह त्रासदी के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश और गुस्सा देखा जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि चंद्रपुर जिले में बाघों और तेंदुओं के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन वन विभाग वन्यजीवों को रिहायशी इलाकों और बफर जोन से दूर रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है.
विकास राजूरकर