पानी चुराया तो सीधे दर्ज होगी FIR! 81 जलाशय सूखे, इस जिले में बूंद-बूंद के लिए मची त्राहि-त्राहि

महाराष्ट्र के बीड़ जिले में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है. कई जलाशयों में जल स्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच गया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए कई अहम कदम उठाए हैं.

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81 जलाशय सूखने के बाद पानी की चोरी रोकने के लिए प्रशासन सख्त. (Photo: Screen grab) 81 जलाशय सूखने के बाद पानी की चोरी रोकने के लिए प्रशासन सख्त. (Photo: Screen grab)

रोहिदास हातागले

  • बीड,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

महाराष्ट्र के बीड जिले में इस समय भीषण पानी संकट ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. यह सकंट अल नीनो के प्रभाव और मॉनसून की बेरुखी के कारण खड़ा हो गया है. जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी यहां बारिश का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा. इस भयंकर सूखे की वजह से जिले के 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे गांवों समेत शहरों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी को तरस रहे हैं. कई जगहों पर यह संकट लोगों की चिंताएं बढ़ाने वाला बन गया है. संकट को देखते हुए प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि पानी की चोरी करने वालों पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी.

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जिले के जल स्रोतों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है. बीड के 173 छोटे-बड़े बांधों सहित तालाबों में अब सिर्फ 16.11 प्रतिशत पानी बचा है. इनमें से 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं. इसके अलावा 79 तालाब डेड स्टोरेज तक पहुंच गए हैं, यानी वहां से पानी निकालना अब संभव नहीं रह गया है. सिर्फ 13 जलाशयों में ही थोड़ा-बहुत पानी बचा है, जो आने वाले दिनों के लिए बिल्कुल भी काफी नहीं माना जा रहा. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग सूखे तालाबों के बीचों-बीच गड्ढे खोदकर पानी तलाशते नजर आ रहे हैं.

इस संकट को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने साफ चेतावनी दी है कि पानी की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी. ऐसे मामलों में सीधे FIR दर्ज किया जाएगा. जल संरक्षण विभाग के साथ हुई बैठक में फैसला हुआ है कि जहां भी अवैध रूप से पानी निकालने की शिकायत मिलेगी, वहां का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा. इसके बाद आरोपियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.

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राहत कार्यों के तहत प्रशासन ने पानी की सप्लाई तेज कर दी है. फिलहाल 12 गांवों के साथ 14 बस्तियों में 19 टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है. साथ ही 109 गांवों में मौजूद 221 निजी कुओं का अधिग्रहण किया गया है. इन कुओं को पानी सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी तरह लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी की जा सकें. 

प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर संभव कोशिश की जा रही है कि लोगों को इस गंभीर जल संकट से राहत दी जा सके.
 

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