36 घंटे बाद पुलवामा एनकाउंटर खत्म, तीसरे आतंकी का शव बरामद

2017 के आखिरी दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ. इस आतंकी हमले में 5 जवान शहीद हुए, जबकि 3 आतंकियों को मार गिराया गया. 36 घंटे बाद एनकाउंटर खत्म हुआ. तीसरे आतंकी का शव भी बरामद कर लिया गया है.

Advertisement
इसी बिल्डिंग में हुआ था हमला. इसी बिल्डिंग में हुआ था हमला.

शुजा उल हक / अशरफ वानी

  • पुलवामा,
  • 01 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST

2017 के आखिरी दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ. इस आतंकी हमले में 5 जवान शहीद हुए, जबकि 3 आतंकियों को मार गिराया गया. 36 घंटे बाद एनकाउंटर खत्म हुआ. तीसरे आतंकी का शव भी बरामद कर लिया गया है. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है. जिस बिल्डिंग में आतंकी घुसे थे उसे रविवार रात को ही उड़ा दिया गया था, दो आतंकी ढेर कर दिए गए थे. सोमवार सुबह से फिर आर्मी ने सर्च ऑपरेशन चलाया. 36 घंटे बाद सोमवार दोपहर तीसरे आतंकी का शव बरामद कर लिया गया.

Advertisement

आपको बता दें कि रविवार तड़के हुए इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए मोहम्मद ने ली थी. देर शाम जिस इमारत में तीसरा आतंकी छिपा हुआ था, उसका ऊपरी हिस्सा उड़ा दिया गया है. इसके बाद से फायरिंग रुकी हुई थी.

गौरतलब है कि हमले में शामिल एक फिदायीन की शिनाख्त होने पर सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए हैं. फिदायीन हमले में मारा गया एक आतंकी पुलिस कांस्टेबल का बेटा निकला. कश्मीर में 2003 के बाद यह पहला मौका है जब कोई स्थानीय आतंकी फिदाइन बना है. कश्मीर के युवाओं को आतंक के रास्ते से हटाने के लिए सेना ने बीते कई वर्षों से तमाम प्रोत्साहन योजनाएं चलाईं, लेकिन स्थानीय आतंकी के फिदायीन बनने के खुलासे ने सबकी नींद उड़ा दी है.

कैसे हुआ था हमला?

जैश के फिदायीन आतंकी कड़ाके की ठंड के बीच रविवार रात दो बजकर 10 मिनट पर कैंप में घुसे थे. आतंकियों ने पहले यहां ग्रेनेड से हमला किया और इसके बाद अंधाधुंध फायिरंग शुरू कर दी. सीआरपीएफ जवानों ने जवाबी कार्रवाई की तो आतंकी कैंप में बनी एक इमारत में घुस गए.

Advertisement

जहां आतंकियों छुपे हुए थे, वो वो चार मंजिला इमारत है. बताया जा रहा है कि आतंकी बिल्डिंग के चौथे माले पर मौजूद थे और यहीं से फायरिंग कर रहे थे. इस बिल्डिंग में सीआरपीएफ सेंटर का एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक है, जहां कंट्रोल रूम भी है. ये भी जानकारी मिली है कि जम्मू  कश्मीर पुलिस ने इस कैंप पर फिदायीन हमले की स्पेसिफिक चेतावनी दी थी.

चार मंजिला इस इमारत में 3 ब्लॉक हैं. बिल्डिंग का पहला ब्लॉक अधिकारियों के आवासीय परिसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. जबकि दूसरे ब्लॉक में मेन ऑफिस के साथ क्षेत्राधिकारी कार्यालय भी है. आतंकियों ने ब्लॉक नंबर 3 को अपना टारगेट बनाया है.

इस ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर अस्पताल है, जबकि पहले फ्लोर पर सिग्नल सेंटर, कंट्रोल रूप और स्टोर है. दूसरे और तीसरे फ्लोर खाली हैं. इस ब्लॉक में टाइप 2 क्वार्टर के पास एक जवान पोजिशिन लिए हुआ था और आतंकियों ने उसे निशाना बनाया. अभी भी आतंकी इसी बिल्डिंग में मौजूद हैं और सुरक्षाबलों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement