गुजरातः 108 फीट की प्रतिमा का अनावरण कर PM मोदी बोले- 'हनुमान जी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सूत्र'

प्रधानमंत्री मोदी आज हनुमान जयंती के मौके पर गुजरात के मोरबी में 108 फीट ऊंची हनुमान की प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे. हनुमान चारधाम परियोजना के तहत देश भर में चारों दिशाओं में हनुमान की मूर्ति स्थापित की जा रही है.

Advertisement
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. -फाइल फोटो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. -फाइल फोटो

aajtak.in

  • मोरबी,
  • 16 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 12:41 PM IST
  • पहली प्रतिमा 2010 में शिमला में बनी थी
  • रामेश्वरम में बनेगी भगवान हनुमान की तीसरी प्रतिमा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हनुमान जयंती के मौके पर गुजरात के मोरबी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भगवान हनुमान की प्रतिमा का लोकार्पण किया. इस प्रतिमा की ऊंचाई 108 फीट है.लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के पावन अवसर  पर भव्य मूर्ति का लोकार्पण हुआ है. यह रामभक्तों औऱ हनुमान भक्तों को लिए बहुत सुखदाई है. उन्होंने कहा कि रामचरित मानस का जिक्र करते हुए कहा कि ईश्वर की कृपा के बिना संतों के दर्शन दुर्लभ होते हैं. पीएम ने कहा कि हनुमान जी अपनी भक्ति औऱ सेवा भाव से सभी को जोड़ते हैं. उनसे प्रेरणा मिलती है कि हनुमान वह शक्ति और संबल हैं जिन्होंने सभी वनवासी प्रजातियों और वनवंधुओं को मान और सम्मान दिलाया. 

Advertisement


पीएम मोदी बोले हनुमान जी एक भारत श्रेष्ठ भारत के सूत्र हैं. उन्होंने कहा कि  बता दें कि पीएम मोदी ने वर्चुअल तौर पर प्रतिमा का अनावरण किया. प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, ये मूर्ति 'हनुमानजी चार धाम परियोजना' के तहत बनाई गई है. परियोजना के तहत देश के चारों दिशाओं में भागवान हनुमान की चार मूर्तियां स्थापित की जाएगी. मोरबी में बनी भगवान हनुमान की प्रतिमा दूसरी है. इस प्रतिमा की स्थापना मोरबी में परम पूज्य बापू केशवानंद जी के आश्रम में की गई है.

पहली प्रतिमा 2010 में शिमला में बनी थी

बता दें कि हनुमानजी चार धाम परियोजना की शुरूआत साल 2008 में हुई थी. हनुमानजी चार धाम परियोजना की पहली मूर्ति 2010 में शिमला में बनाई गई थी. देश के दक्षिण में रामेश्वरम में हनुमान जी की तीसरी प्रतिमा पर काम शुरू हो गया है. 

Advertisement

बता दें कि पीएम मोदी ने इसी साल 5 फरवरी को हैदराबाद में 216 फीट ऊंची Statue Of Equality का अनावरण किया था. ये मूर्ति 11वीं सदी के वैष्णव संत रामानुजाचार्य की है. Statue Of Equality बैठी हुई मुद्रा में दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति है. इसे एक हजार करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. इसको बनाने में सोना, चांदी, तांबा, पीतल का भरपूर इस्तेमाल किया गया है.   

ये भी पढ़ें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »