आय घोषणा योजना (IDS) के तहत 13860 करोड़ रुपये घोषित करने वाले जमीन कारोबारी महेश शाह को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रविवार को छोड़ दिया. उन्हें शनिवार को हिरासत में लिया गया था. महेश कड़ी सुरक्षा के बीच अहमदाबाद में अपने घर पहुंचे हैं. सोमवार को उन्हें फिर से आयकर विभाग ने बुलाया है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी महेश शाह से पूछताछ कर सकती है.
महेश शाह वही कारोबारी हैं, जिसने 30 सितंबर की रात को जब IDS स्किम खत्म हो रही थी, उसके कुछ घंटे पहले 13860 करोड़ रुपये अघोषित आय के तौर पर घोषित किए थे. शाह ने बताया कि घोषित किए गए पैसे उनके नहीं, बल्कि किसी और के हैं.
महेश शाह को के मुताबिक 25 फीसदी जुर्माने की राशि 30 नवंबर से पहले जमा करनी थी. जब वो राशि जमा नहीं करवा पाए, तो उनके अघोषित आय डेक्लरेशन को रद्द कर दिया गया. जिसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उनके घर, ऑफिस और उनके सीए के यहां छापा मारा.
महेश शाह लगातार पिछली 29 तारीख से गायब थे, आज नाटकीय अंदाज में वो एक मीडिया हाउस के दफ्तर पहुंचे, जहां से आयकर विभाग ने उन्हें हिरासत में ले लिया. गौरतलब है कि महेश बार-बार ये कह रहे थे कि जो पैसे उन्होंने IDS के तहत घोषित किए, वो पैसे उनके नहीं थे. उन्होंने कमिशन के लिए कुछ राजनेताओं और व्यापारियों के पैसे अपने बताकर घोषित किए थे.
उनसे जब पूछा गया कि उन्होंने पहले जुर्माना क्यों नहीं अदा किया, तब उनका कहना था कि किसी कारण वो पहली किस्त आयकर विभाग में नहीं कर पाए. अब आयकर विभाग के अधिकारी महेश शाह से पूछताछ करेंगे, हालांकि अब ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि 13860 करोड़ रुपये की अघोषित आय किसकी थी.
गोपी घांघर / सुरभि गुप्ता