गुजरात के सूरत शहर में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. लगातार हुई बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए. सबसे चिंताजनक तस्वीरें शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल सहारा दरवाजा रेलवे अंडरपास से सामने आईं, जो भारी जलभराव के कारण तालाब में तब्दील हो गया.
आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई तस्वीरों ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कई फीट तक पानी भर जाने के कारण अंडरपास से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई. हालात ऐसे हो गए कि पैदल यात्रियों के लिए भी वहां से गुजरना संभव नहीं रहा. सहारा अंडरपास सूरत के प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाला अहम रास्ता है.
इस मार्ग का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं. टेक्सटाइल मार्केट में काम करने वाले कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए यह सबसे अहम रास्तों में से एक माना जाता है. लेकिन मंगलवार की बारिश के बाद अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया. लोगों के सामने घर पहुंचने का संकट खड़ा हो गया. लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने लगे.
आजतक की टीम जब सहारा दरवाजा रेलवे अंडरपास का जायजा लेने मौके पर पहुंची तो महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे तक रेलवे ट्रैक को पार करते दिखे. इस तरह की आवाजाही किसी भी समय बड़े हादसे की वजह बन सकती थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में पानी भरने के बाद उनके पास कोई सुरक्षित विकल्प नहीं बचा था.
मजबूरी में उन्हें रेलवे पटरी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा. इस घटनाक्रम ने सूरत नगर निगम और रेलवे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हर साल मानसून से पहले प्री-मॉनसून मेंटेनेंस और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं. इसके बावजूद अंडरपास में कई फीट तक पानी भर जाना व्यवस्था की पोल खोलता है.
हालात को और गंभीर बनाने वाली बात यह रही कि रेलवे ट्रैक पर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान तैनात नहीं दिखे. स्थानीय पुलिस की ओर से भी कोई बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई. भारी जलभराव की वजह से अंडरपास में यातायात पूरी तरह ठप हो गया. लोगों पर ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहा.
मौसम विभाग ने सूरत समेत दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में आगे भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. ऐसी स्थिति में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंडरपास से जल्द पानी निकालने की है. इसके लिए पंपिंग मशीनों को तत्काल सक्रिय किए जाने की जरूरत है.
इसके साथ ही जब तक जलभराव पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, RPF और पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करने और लोगों को रेलवे लाइन पार करने से रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम करना जरूरी होगा, ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना या बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सके.
संजय सिंह राठौर