अबू धाबी से लौटे यात्रियों की जेब में 24 कैरेट सोने की चेन, पेंडेंट और मनके छिपे थे. जैसे ही कस्टम्स अधिकारियों ने तलाशी शुरू की, एक-एक कर जेबों से करोड़ों रुपये का सोना निकलने लगा. जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इसके पीछे एक टूर ऑपरेटर की ऐसी चाल थी, जिसने अपने ही क्लाइंट्स को 'कैरियर' बनाकर भारत में सोना पहुंचाने की कथित योजना बनाई थी. हालांकि उसकी यह पूरी योजना अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ही धरी रह गई.
सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम्स विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने सोने की तस्करी के एक बड़े प्रयास का पर्दाफाश किया है. अधिकारियों ने अबू धाबी से आए यात्रियों के कब्जे से 770.33 ग्राम 24 कैरेट सोना बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1,13,85,477 रुपये बताई गई है. मामले में एक टूर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.
पक्की सूचना के बाद बिछाया गया जाल
कस्टम्स विभाग को पहले ही इनपुट मिल चुका था कि अबू धाबी से अहमदाबाद आने वाली एक फ्लाइट के जरिए सोने की बड़ी खेप भारत लाई जा सकती है. सूचना के बाद एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने पूरी रणनीति तैयार की और संदिग्ध यात्रियों पर नजर रखी. 21 जुलाई 2026 को अबू धाबी से फ्लाइट नंबर 3L111 अहमदाबाद पहुंची. जैसे ही संदिग्ध यात्री बाहर निकलने लगे, कस्टम्स अधिकारियों ने एक टूर ऑपरेटर और उसके साथ यात्रा कर रहे यात्रियों को रोक लिया. इसके बाद उनकी विस्तृत जांच शुरू की गई.
जेबों में छिपा रखा था 24 कैरेट सोना
तलाशी के दौरान अधिकारियों को यात्रियों की जेबों में बेहद चालाकी से छिपाकर रखी गई 24 कैरेट सोने की चेन, पेंडेंट और मनके मिले. सोने को इस तरह रखा गया था कि सामान्य जांच में आसानी से नजर न आए. लेकिन कस्टम्स टीम की सतर्कता के सामने यह तरीका काम नहीं आया. जांच पूरी होने पर कुल 770.33 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत 1.13 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है.
टूर ऑपरेटर ने क्लाइंट्स को बनाया 'कैरियर'
प्रारंभिक पूछताछ में अधिकारियों के सामने जो जानकारी आई, उसने जांच को नया मोड़ दे दिया. कस्टम्स के अनुसार, गिरफ्तार टूर ऑपरेटर ने अपने साथ यात्रा कर रहे क्लाइंट यात्रियों का इस्तेमाल 'कैरियर' के रूप में किया. यानी सोने को खुद ले जाने के बजाय उसने अलग-अलग यात्रियों की जेबों में रखवाकर भारत लाने की कोशिश की, ताकि शक कम हो और पकड़े जाने की संभावना घट जाए. अधिकारियों का मानना है कि यह तस्करी का अपेक्षाकृत नया तरीका था, जिसमें एक ही व्यक्ति के पास पूरा सोना रखने के बजाय कई लोगों में बांट दिया गया.
पहली बार अपनाया गया ऐसा तरीका
जांच में सामने आया है कि पकड़े गए सभी लोग गुजरात के मेहसाणा के रहने वाले हैं. शुरुआती जांच के मुताबिक यह पहली बार था जब इस समूह ने इस तरह यात्रियों की मदद से सोना लाने की कोशिश की. हालांकि इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल कस्टम्स अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इससे पहले भी इसी तरीके का इस्तेमाल किया गया था या यह पहली खेप थी.
कस्टम्स एक्ट के तहत कार्रवाई
जब्त किए गए सोने को कब्जे में लेकर कस्टम्स विभाग ने कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. पूरे मामले में कथित मुख्य सूत्रधार माने जा रहे टूर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सोना किसने उपलब्ध कराया, किसके लिए लाया जा रहा था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं.
अब जांच इन सवालों पर केंद्रित
कस्टम्स विभाग अब कई अहम बिंदुओं पर जांच कर रहा है कि सोना अबू धाबी में किसने उपलब्ध कराया, भारत में इसकी डिलीवरी किसे होनी थी, क्या यह कोई संगठित तस्करी गिरोह है, टूर ऑपरेटर पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं, यात्रियों को पूरी साजिश की जानकारी थी या वे केवल निर्देशों का पालन कर रहे थे. इन सभी सवालों के जवाब पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद सामने आएंगे.
क्यों बदल रहे हैं तस्करी के तरीके
हाल के वर्षों में एयरपोर्ट पर जांच व्यवस्था पहले से काफी सख्त हुई है. ऐसे में तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाने की कोशिश करते हैं. कभी सोना मशीनों के पार्ट्स, बेल्ट, कपड़ों या शरीर में छिपाकर लाया जाता है, तो अब कथित तौर पर अलग-अलग यात्रियों के जरिए छोटी-छोटी मात्रा में ले जाने का तरीका भी अपनाया जा रहा है. हालांकि अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कस्टम्स की सतर्कता के कारण इस बार यह कोशिश नाकाम हो गई. अधिकारियों का मानना है कि सिर्फ सोना पकड़ना ही इस कार्रवाई का उद्देश्य नहीं है.
असली चुनौती उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है, जो विदेश से सोना भारत लाने और फिर बाजार तक पहुंचाने का काम करता है. इसी वजह से गिरफ्तार टूर ऑपरेटर से लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, यात्रा रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं. फिलहाल 1.13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है. आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.
ब्रिजेश दोशी