ग्राउंड रिपोर्ट: सूखती यमुना ने बढ़ाई दिल्ली की प्यास, वजीराबाद प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए मजदूर बना रहे रास्ता

दिल्ली इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रही है. यमुना नदी का जलस्तर लगातार गिरने से वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुआ है. जलस्तर आवश्यक स्तर से करीब 7 फीट नीचे पहुंच गया है, जिससे मोटर पंप पानी खींचने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं. राजधानी के कई इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ गई है और लोग टैंकरों पर निर्भर हो रहे हैं.

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यमुना का जलस्तर गिरा तो पानी के लिए जूझने लगी राजधानी दिल्ली (Photo: ITG) यमुना का जलस्तर गिरा तो पानी के लिए जूझने लगी राजधानी दिल्ली (Photo: ITG)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

राजधानी दिल्ली इस समय भीषण जल संकट से जूझ रही है. आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं. यमुना नदी का जलस्तर इतना गिर चुका है कि कई जगहों पर नदी का तल साफ दिखाई दे रहा है.

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान आज तक संवाददाता सुशांत मेहरा अपनी टीम के साथ सीधे यमुना के बीचोबीच पहुंचे, जहां आमतौर पर पानी बहता था. लेकिन इस बार हालात अलग हैं. नदी सूखी सी नजर आ रही है और पानी की पतली धारा भी मुश्किल से दिख रही है.

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वजीराबाद प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा पानी

दिल्ली के प्रमुख जल स्रोतों में से एक वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी इस संकट से बुरी तरह प्रभावित है. प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए जरूरी जलस्तर 674.50 फीट होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में जलस्तर गिरकर 667.50 फीट तक पहुंच गया है. यानी पानी लगभग 7 फीट नीचे चला गया है. इस वजह से मोटर पंप भी पानी खींचने में असमर्थ हो रहे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है.

मजदूर बना रहे हैं 'रास्ता'

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मजदूरों की मदद से नदी के अंदर अस्थायी रास्ता (चैनल) बनाया जा रहा है, ताकि किसी तरह पानी को प्लांट तक पहुंचाया जा सके. हालांकि सोनिया विहार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक यह छोटा रास्ता बनाया जा चुका है.

यमुना का पानी वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सके, इसके लिए मजदूर पिछले कई दिनों से लगातार पानी से रेत को अलग कर रहे हैं, ताकि पानी का फ्लो तेजी के साथ वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सके. यह स्थिति बताती है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं.

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हरियाणा से कम पानी सप्लाई

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली को हर दिन करीब 1100 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) पानी की जरूरत होती है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 900 MGD पानी ही मिल रहा है. यानी करीब 200 MGD पानी की कमी हो रही है. इस कमी का सीधा असर दिल्ली के कई इलाकों पर पड़ रहा है.

दिल्ली के इलाके पानी के लिए परेशान

सेंट्रल दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली और ओल्ड दिल्ली के कई हिस्सों में पानी की भारी किल्लत है. लोगों को घंटों लाइन में लगकर पानी भरना पड़ रहा है. कई जगह टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है. वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से लगभग 127 MGD पानी की सप्लाई होती है. वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट दिल्ली का सबसे बड़ा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट है.

क्यों सूख रही है यमुना?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • हरियाणा से कम पानी छोड़ा जाना
  • बढ़ती गर्मी और वाष्पीकरण
  • बारिश की कमी
  • यमुना में पहले से ही कम प्राकृतिक प्रवाह

इन सभी कारणों ने मिलकर राजधानी के जल संकट को और गंभीर बना दिया है.
 

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