होमियोपैथी में 2 घंटे में डेंगू और चिकनगुनिया से आराम का दावा

दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया महामारी की तरह फैल रहा है. अस्पतालों में भीड़ देखकर समझ आ रहा है कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. एलोपैथिक डॉक्टर बता रहे हैं कि इन बीमारियों से ठीक होने में करीब 10 से 12 दिन का वक्त लगता है लेकिन मगर ऐसे में होमियोपैथी के डॉक्टर सामने आए हैं, जिनका दावा है कि सिर्फ तीन से चार दिन में बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी.

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होमियोपैथी में 3-4 दिन में पूरी तरह ठीक करने का दावा होमियोपैथी में 3-4 दिन में पूरी तरह ठीक करने का दावा

मोनिका शर्मा / मणिदीप शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:38 AM IST

दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया महामारी की तरह फैल रहा है. अस्पतालों में भीड़ देखकर समझ आ रहा है कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. एलोपैथिक डॉक्टर बता रहे हैं कि इन बीमारियों से ठीक होने में करीब 10 से 12 दिन का वक्त लगता है लेकिन मगर ऐसे में होमियोपैथी के डॉक्टर सामने आए हैं, जिनका दावा है कि सिर्फ तीन से चार दिन में बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी.

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2 घंटे में मिलना शुरू हो जाता है आराम
दिल्ली के कनॉट प्लेस में मौजूद डॉक्टर सुधीर तोमर का दावा है कि वो की बीमारी को सिर्फ 3 से 4 दिन में पूरी तरह ठीक कर देते हैं. डॉ. तोमर का कहना है कि जब मरीज इनके पास आते हैं तो ये इनके मुंह में अपनी होमियोपैथी की दवा के 3 ड्रॉप डालते हैं, जिससे मात्र 20 से 30 मिनट में मरीज को दर्द से आराम मिलना शुरू हो जाता है. उन्होंने कहा कि 2 घंटे में 50 फीसदी आराम और लगभग 2 से 3 दिन के कोर्स में पूरा आराम मिल जाता है.

डॉक्टर की फीस भी कम
डॉक्टर का दावा है कि महज 300 रुपये की फीस उन्होंने सिर्फ इसलिए रखी है ताकि हर गरीब मरीज को भी डेंगू और चिकनगुनिया का इलाज मिल सके. डेंगू और चिकनगुनिया के इस मौसम में डॉ. तोमर के क्लीनिक में मरीजों की भीड़ लगी हुई है. मरीजों ने बताया कि कहीं फेसबुक के जरिए और कहीं किसी दोस्त के द्वारा बताए जाने पर वो डॉक्टर के इस क्लीनिक में आए हैं.

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3-4 दिन में मिल जाता है निजात
जाहिर है डेंगू और चिकनगुनिया के इस मौसम में जब इलाज 10-12 दिनों तक चल रहा है, ऐसे में महज तीन से चार दिन में इन बीमारियों का ठीक हो जाना अपने आप में राहत भरी खबर है. जब एलोपैथी में मरीज को 10 से 12 दिन आराम की सलाह दी जा रही है तो ऐसे में अगर डॉक्टर के दावे में सच्चाई है और अगर महज 300 रुपये में बीमारी से लगभग 50 पर्सेंट राहत मिल जाए तो इसे राहत भरी खबर ही कहा जाएगा.

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