दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल आज यानी शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होकर फांसी घर विवाद पर अपना पक्ष रखेंगे. इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी है और उन्होंने मंगलवार को समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी उपस्थिति की जानकारी दी थी. साथ ही उन्होंने कार्यवाही को लाइव-स्ट्री करने की मांग की है.
केजरीवाल ने एक्स पर समिति के सामने पेश होने की जानकारी देते हुए लिखा, 'आज दिल्ली विधान सभा की प्रिविलज कमेटी के सामने दोपहर तीन बजे पेश होऊंगा. उन्होंने मुझे 'फाँसी घर' पर चर्चा के लिए बुलाया है.'
दरअसल, ये विवाद साल 2022 का है और दिल्ली विधानसभा परिसर के एक हिस्से के नवीनीकरण से जुड़ा है. जिसे AAP सरकार ने ब्रिटिश काल के फांसी घर के रूप में उद्घटित किया था. आप ने इसे ऐतिसाहिक महत्व के रूप में प्रस्तुत किया था, लेकिन बीजेपी ने दावा किया कि ये कोई फांसी घर नहीं, बल्कि एक साधारण टिफिन रूप था. वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए विशेषाधिकार समिति को जांच सौंपी थी.
समिति ने केजरीवाल के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व स्पीकर राम निवास गोयल और पूर्व उप-स्पीकर राखी बिरला को भी 6 मार्च को अंतिम व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए बुलाया है. इन सभी को अपने बयान जमा करने हैं. जनवरी में समिति ने इन चारों AAP नेताओं के बार-बार पेश न होने पर विधानसभा में उचित कार्रवाई की सिफारिश की थी.
कार्यवाही की हो लाइव स्ट्रीमिंग: केजरीवाल
अब अरविंद केजरीवाल ने समिति को पत्र लिख कर समिति के समक्ष पेश होने की पुष्टि कर दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सम्मन के अनुपालन में पेश हो रहे हैं, लेकिन पारदर्शिता के हित में कार्यवाही का लाइव स्ट्रीम होना जरूरी है.
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली की मौजूदा समस्याओं जैसे प्रदूषण, टूटी सड़कों और अस्पतालों में दवाओं की कमी का जिक्र करते हुए विधानसभा द्वारा 'फांसी घर' पर पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर कटाक्ष भी किया. केजरीवाल ने ये भी साफ किया कि उनकी ये पेशी उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों और आपत्तियों को सुरक्षित रखते हुए है.
उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा, 'मेरी उपस्थिति मेरे कानूनी और संवैधानिक अधिकारों, उपायों, आपत्तियों और दावों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना है, जिनमें से सभी को स्पष्ट रूप से सुरक्षित रखा गया है.'
केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा, 'पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही के हित में, मैं अनुरोध करता हूं कि इस मामले में समिति की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए.'
'कथित फांसी घर पर खर्च किए 1.4 करोड़'
वहीं, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह ने जानकारी दी थी कि साल 2022-23 में इस कथित 'फांसी घर' पर लगभग 1.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. बीजेपी का आरोप है कि जिस जगह को ऐतिहासिक फांसी घर बताकर पैसा खर्च किया गया, उसका अस्तित्व ही नहीं था.
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