कौन हैं वो चार मुस्लिम उम्मीदवार, जिन्हें बीजेपी ने MCD चुनाव में उतारा

दिल्ली नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने चार मुस्लिम कैंडिडेट्स को टिकट दिए हैं, जिनमें से तीन महिलाएं है और एक पुरुष है. इतना ही नहीं बीजेपी ने अपनी मुस्लिम सियासत के लिहाज से जिन्हें टिकट दिया है, वो सभी कैंडिडेट पसमांदा मुस्लिम हैं. ऐसे में अगर बीजेपी के कैंडिडेट अपने बिरादरी के वोट हासिल करने में कामयाब रहते हैं तो विपक्ष के सारे खेल बिगड़ सकते हैं.

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एमसीडी चुनाव में प्रचार करती मुस्लिम महिलाएं (फाइल फोटो) एमसीडी चुनाव में प्रचार करती मुस्लिम महिलाएं (फाइल फोटो)

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली ,
  • 14 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:42 PM IST

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में बीजेपी ने 250 सीटों में से चार सीटों पर मुस्लिम कैंडिडेट उतारे हैं जबकि 2017 में छह मुस्लिमों को टिकट दिया था. बीजेपी मुस्तफाबाद से शबनम मलिक, चांदनी महल से इरफान मलिक, कुरैश नगर वेस्ट से शमीन रजा कुरैशी और चौहान बांगर से सबा गाजी को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने एमसीडी चुनाव में इस बार पसमांदा मुस्लिमों (ओबीसी) पर ही भरोसा जताया है, जिनमें दो तेली, एक कुरैशी और घोसी जाति के प्रत्याशी को टिकट दिया है. ऐसे में सभी के मन में एक सवाल है कि जिन चार मुस्लिमों को बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है, वो कौन हैं और उनका राजनीतिक बैकग्राउंड क्या है?  

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मुस्तफाबाद से शबनम मलिक 
मुस्तफाबाद वेस्ट सीट से बीजेपी ने शबनम मालिक को प्रत्याशी बनाया है. शबनम मलिक के पति कयामुद्दीन मलिक उमर मस्जिद के करीब पुराना मुस्तफाबाद गली नंबर 5 में रहते हैं. बारहवीं कक्षा तक पढ़ीं शबनम मलिक को समाज सेवा और राजनीति में खासी दिलचस्पी है. वह ऑल इंडिया तेली समाज की सदस्य भी हैं और उनके पति मुस्तफाबाद मंडल के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हैं. शबनम बीजेपी संगठन से जुड़ी हुई हैं और मुस्तफाबाद मंडल में उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है. एक जनवरी 1987 को जन्मी शबनम मलिक मुस्लिम बहुल वार्ड से चुनाव लड़ रही हैं, जहां करीब 53 हजार वोटर्स हैं. 40 हजार मुस्लिम वोटर और 11300 हिंदू वोटर्स हैं. मुस्लिम वोटों में 9200 वोट मुस्लिम तेली समुदाय का है, जिस समाज से शबनम मलिक आती हैं. 

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चांदनी चौक से इरफान मलिक 
चांदनी चौक सीट से बीजेपी ने इरफान मालिक को पार्षद का टिकट दिया है, जो मुस्लिम तेली समाज से आते हैं. 27 फरवरी 1972 को जन्मे इरफान मलिक गली मैगजीन वाली चूड़ी वाला के रहने वाले हैं. बीजेपी की पसमांदा मुस्लिम सियासत में वह फिट बैठते हैं. सातवीं कक्षा तक पढ़े इरफान मलिक आयरन स्क्रैप का व्यापार करते हैं. बीजेपी संगठन के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के चांदनी चौक जिला उपाध्यक्ष के पद पर हैं. करीब 15 सालों से बीजेपी के साथ जुड़े हुए हैं और कोरोना काल में उन्होंने लोगों की बहुत मदद की है. बीजेपी ने उनके लगाव को देखते हुए चांदनी चौक सीट से उतारा है. 

चौहान बांगर से सबा गाजी
सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम बहुल चौहान बांगर सीट से बीजेपी ने सबा गाजी को टिकट दिया है. उत्तर पूर्वी जिले में सबा गाजी महिला मोर्चा की मंत्री हैं. 15 मई 1990 में जन्मी सबा की शादी सलमान गाजी से शादी हुई है. उन्होंने बीए-एलएलबी की पढ़ाई की है. सबा पसमांदा मुस्लिम हैं और घोषी समुदाय से आती हैं. सबा का मुकाबला सीलमपुर से आम आदमी पार्टी के विधायक अब्दुल रहमान की पत्नी पूर्व पार्षद आसमा रहमान और कांग्रेस के पांच बार के विधायक रहे चौधरी मतीन के बेटे की पत्नी शगुफ्ता चौधरी से है.  

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कुरैश नगर से शमीना रजा
मुस्लिम बहुल कुरैश नगर सीट बीजेपी की परंपरागत सीट रही है, जहां से उसके मुस्लिम कैंडिडेट लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं. बीजेपी ने इस बार शमीना रजा कुरैशी को प्रत्याशी बनाया है और उनके पति मजहिर रजा पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं. 19 अगस्त 1975 को जन्मी शमीना रजा कुरैशी मेन चमेलियन रोड हाता किदारा जीपीओ नई दिल्ली की रहने वाली हैं. 12वीं तक पढ़ीं रजा पसमांदा मुस्लिम हैं और उनका खुद का कॉस्मेटिक व्यवसाय है. भारतीय जनता पार्टी कुरेश नगर मंडल महिला मोर्चा में शमीना उपाध्यक्ष हैं. 

शमीन रजा मुस्लिम वर्ग सहित अनुसूचित जाति वर्ग और धानुक समाज के लड़कियों की सामूहिक विवाह को अपने निजी खर्च से किया. शमीना के ससुर आबिद रजा प्रख्यात समाजसेवी और आरएसएस से जुड़े रहे हैं. बस्ती हरफूल सिंह स्थित संघ का प्रथम मुख्यालय उनकी उपस्थिति में बना था. उनके पति बीजेपी के साथ दशकों से जुड़े हैं और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष हैं. 

पसमांदा मुस्लिमों का बीजेपी पर भरोसा

दिल्ली बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रभारी और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष आतिफ रशीद ने बताया कि बीजेपी ने अगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव मे 4 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान मे उतारे हैं, जिनमे तीन महिलाएं हैं और यह स्वागत योग्य कदम है. इससे मुस्लिम समाज की महिलाओं मे आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण बढ़ेगा. चारों ही प्रत्याशी पसमांदा मुस्लिम समुदाय से हैं यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पसमांदा मुस्लिम समुदाय की और कदम बढ़ाने के आह्वान को बल देगा. 

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आतिफ रशीद ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने अभी तक मुस्लिम समुदाय को सिर्फ वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, लेकिन बीजेपी सरकार में मुसलमानों का सिर्फ विकास ही नहीं बल्कि उन्हें प्रतिनिधित्व की दिया जा रहा है. बीजेपी के यह चारों मुस्लिम कैंडिडेट जीतकर एमसीडी पहुंचेंगे और मुस्लिम सियासत की नई इबारत लिखेंगे. कुरैश नगर सीट पर पिछली बार बीजेपी बहुत मामूली वोटों से हार गई थी, लेकिन इस बार जीत तय है. पीएम मोदी के उस संकल्प सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास को लेकर चल रही है, जिस पर मुस्लिम समुदाय को विश्वास कायम हो रहा है. 

 

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