दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में हुई दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल एक महिला और एक पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद प्रमुख वजह के रूप में सामने आया है.
जानकारी के मुताबिक प्रोफेसर की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया था. पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही थी. जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही.
दिल्ली पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने और लोगों का शक दूर करने के लिए आरोपी अपने साथ एक बच्चे को भी लेकर आए थे. पुलिस का मानना है कि यह उनकी पहचान छिपाने की सोची-समझी रणनीति थी, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो. सबसे बड़ी बात आरोपियों ने 1400 किलोमीटर दूर आकर बड़े ही शातिर तरीके से इस हत्याकांड को अंजाम दिया था.
संपत्ति विवाद में की गई हत्या
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक प्रोफेसर और आरोपियों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया और हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया. हालांकि पुलिस अभी मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश कब बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हत्या की योजना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं? फिलहाल दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली लाया जा रहा है.
दिल्ली पहुंचने पर आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग कर सकती है. रिमांड के दौरान हत्या से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी.
अरविंद ओझा