दिल्ली में अब ₹2.5 लाख सालाना आय वालों को भी मिलेगा राशन कार्ड

दिल्ली सरकार की नई नीति के तहत ₹2.5 लाख तक सालाना कमाने वाले लोग भी अब राशन कार्ड का लाभ उठा सकेंगे. इससे बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.

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दिल्ली के हजारों परिवारों को मिलेगा फायदा (Photo: ITG) दिल्ली के हजारों परिवारों को मिलेगा फायदा (Photo: ITG)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

दिल्ली सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए बड़ा और अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राशन कार्ड के लिए आय सीमा को बढ़ाकर ₹2.5 लाख सालाना कर दिया गया है.

इस निर्णय के बाद अब राजधानी के हजारों ऐसे परिवार, जो अब तक आय सीमा के कारण सरकारी राशन योजना से वंचित थे, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे.

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पहले क्या थी स्थिति?
अब तक दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने के लिए सालाना आय सीमा काफी कम थी. शुरुआत में यह सीमा एक लाख रुपये रखी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1.2 लाख किया गया. लगातार बढ़ती महंगाई और शहरी जीवन के खर्च को देखते हुए यह सीमा कई परिवारों के लिए अपर्याप्त साबित हो रही थी.

नई नीति के तहत ₹2.5 लाख तक सालाना कमाने वाले लोग भी अब पात्र होंगे. इससे बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.

क्या होगा इसका सीधा फायदा?
इस फैसले के लागू होने के बाद अधिक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ सकेंगे. गरीब और जरूरतमंदों को सस्ते दरों पर अनाज उपलब्ध होगा. खाद्य सुरक्षा का दायरा और मजबूत होगा. महंगाई के दौर में आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी.

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खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राशन जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे.

ये हैं फायदे
CBDC आधारित राशन प्रणाली सरकार सिर्फ आय सीमा बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राशन वितरण प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है. दिल्ली सरकार जल्द ही Central Bank Digital Currency आधारित राशन वितरण मॉडल लागू करने की तैयारी कर रही है.

इस नई प्रणाली के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता सीधे उनके खातों में दी जाएगी. डिजिटल करेंसी के जरिए राशन दुकानों से अनाज खरीदा जा सकेगा. नकद लेन-देन की जरूरत कम होगी. सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.

बैंकिंग सिस्टम से जुड़ेगा मॉडल
सरकार इस डिजिटल राशन मॉडल को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी. भविष्य में इसे बैंकिंग सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा, जिसमें सरकारी और निजी दोनों बैंक शामिल हो सकते हैं.

इससे भुगतान प्रक्रिया और आसान होगी. भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर लगाम लगेगी. लाभार्थियों को समय पर और सही मात्रा में राशन मिल सकेगा.

क्या कहती है सरकार?
सरकार का मानना है कि यह पहल न सिर्फ खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि डिजिटल इंडिया की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी.

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