दिल्लीः डेंगू और चिकनगुनिया से लड़ने में असमर्थ फीवर क्लीनिक

देश की राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया का असर बढ़ता जा रहा है. अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने ऐलान किया था कि मोहल्ला क्लीनिक भी फीवर क्लीनिक की तरह काम करेंगे.

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मोहल्ला क्लीनिक का हुआ रियलिटी चेक मोहल्ला क्लीनिक का हुआ रियलिटी चेक

मोनिका शर्मा / पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:24 PM IST

देश की राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया का असर बढ़ता जा रहा है. अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने ऐलान किया था कि मोहल्ला क्लीनिक भी फीवर क्लीनिक की तरह काम करेंगे. 'आज तक' की टीम ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की विधानसभा में मौजूद मोहल्ला क्लीनिक का रियलिटी चेक किया है.

इलाकों की गंदगी बन गई है मुसीबत
दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा के तालाब पार्क में गंदगी लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. बारिश के बाद इलाके में पानी इकट्ठा हो गया और सफाई न होने की वजह से गंदगी ने पैर पसार लिए हैं. इलाके में रहने वाले महेश का कहना कि घर से बाहर बच्चों को लाने में डर लगता है. नेता इलाके में आते हैं तो सफाई हो जाती है लेकिन उसके बाद यहां कोई पूछने वाला नहीं होता है. पूरा इलाका कूड़े के ढेर और बदबू से परेशान है.

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फीवर क्लीनिक का रियलिटी चेक
चारों तरफ गंदगी और उसके बीचों बीच फीवर क्लीनिक में बदल चुके में मरीजों की लंबी कतार देखने को मिल रही है. कोई सीढ़ियों पर बैठा दिखता है तो कोई अपनी बारी आने का इंतजार करता नजर आता है. रियलिटी चेक में मोहल्ला क्लीनिक का बोर्ड ही गायब नजर आया जबकि नंबरिंग मशीन यहां खराब मिली.

मरीज हैं परेशान
वायरल से परेशान ऊषा ने बताया कि क्लीनिक में इलाज के नाम पर सिर्फ दवा दे दी जाती हैं लेकिन कोई टेस्ट नहीं किया जाता. एक अन्य महिला मरीज ने बताया कि मोहल्ला क्लीनिक में दवाई तो मिल जाती है लेकिन ब्लड टेस्ट नहीं होता. डॉक्टर मरीज को नजदीकी में जाने को कहते हैं. महिला का कहना है कि एक मरीज के लिए 10 कदम पैदल चलना भी मुश्किल होता है.

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सवाल पूछने पर भड़के डॉक्टर
मरीजों की शिकायत लेकर 'आज तक' की टीम के अंदर कैमरा लेकर पहुंची. दवाई काउंटर पर बैठे शख्स ने बताया कि सर्दी खांसी से लेकर बीपी की दवाएं यहां उपलब्ध हैं. हालांकि जब हमारी टीम ने मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर से सवाल पूछा तो डॉक्टर भड़क गए और वीडियो रिकॉर्डिंग की परमिशन की बात करने लगे. डॉक्टर ने अपने अधिकारी को फोन लगाने की धमकी दी लेकिन मरीजों की शिकायत पर हमारे सवालों के जवाब नहीं दिए.

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