दिल्ली की चाणक्यपुरी थाना पुलिस ने सरकारी दफ्तरों और हाई-प्रोफाइल संस्थानों को फर्जी धमकी भरे ईमेल भेजने वाली महिला का पता लगाकर उसे हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक महिला ने देशभर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को 200 से ज्यादा ईमेल भेजे थे. इन ईमेल्स में बम होने की झूठी सूचनाएं, ईवीएम से जुड़े आरोप, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें, अरावली क्षेत्र से जुड़े मुद्दे और अन्य धमकी भरी बातें शामिल थीं.
इन ईमेल्स के कारण कई सरकारी एजेंसियों और संस्थानों में चिंता का माहौल पैदा हो गया था. इस मामले में जांच शुरू की गई तो पता चला कि आरोपी 9 फरवरी 2026 से लगातार इस तरह के ईमेल भेज रही थी. जांच का मुख्य फोकस उस ईमेल अकाउंट पर था, जिसका इस्तेमाल इन संदेशों को भेजने के लिए किया जा रहा था. तकनीकी जांच इंस्पेक्टर पी.सी. यादव, एसएचओ चाणक्यपुरी की निगरानी में की गई. जांच के दौरान ईमेल अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर की पहचान की गई और उसे लगातार तकनीकी निगरानी में रखा गया.
हालांकि मोबाइल फोन लंबे समय तक बंद रहता था, लेकिन पुलिस की लगातार तकनीकी कोशिशों से महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए गए. 18 जून 2026 को एक और धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी. 21 जून 2026 को तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्ध महिला की लोकेशन गुरुद्वारा बंगला साहिब, नई दिल्ली के आसपास मिली.
इसके बाद पुलिस टीम ने 21 जून की शाम गुरुद्वारा बंगला साहिब के बाहर महिला को पकड़ लिया.
गिरफ्तार महिला की पहचान 41 वर्षीय सीमा लोहुमी के रूप में हुई है, जो गुजरात के अहमदाबाद स्थित किशापुर इलाके की रहने वाली है. पुलिस महिला को पूछताछ के लिए चाणक्यपुरी थाने लाई, जहां जांच में सामने आया कि वह लंबे समय से अलग-अलग लोगों और संस्थानों को इस तरह के ईमेल भेज रही थी. पुलिस वेरिफिकेशन में यह भी पता चला कि महिला का इलाज चल रहा था, जिसकी पुष्टि उसके परिवार के सदस्यों ने भी की है.
अरविंद ओझा