दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सोमवार को शहर भर में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत 14 प्रॉपर्टीज़ को गिराया और 25 प्रतिष्ठानों को सील किया. जबकि पिछले 10 दिनों में राजस्व विभाग द्वारा कुल 770 से ज़्यादा प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद लगातार एक्शन ले रही सरकार
अधिकारी ने बताया कि 3 जून को मालवीय नगर होटल में लगी आग की घटना के बाद से नगर निकाय ने अब तक इस कार्रवाई के तहत 217 प्रॉपर्टीज़ को गिराया है और 237 अन्य को सील किया है. इसी दौरान MCD ने अवैध निर्माण के लिए 330 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 151 कारण बताओ नोटिस और 91 विध्वंस आदेश जारी किए.
राजस्व विभाग की दैनिक निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को 29 जगहों का निरीक्षण किया गया. जिससे 5 जून से 15 जून के बीच किए गए निरीक्षणों की कुल संख्या 773 हो गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि निरीक्षण के बाद उत्तरी जिले में चार नोटिस जारी किए गए. नई दिल्ली जिले में संयुक्त निरीक्षण किया गया, जबकि दक्षिण-पश्चिम जिले में पाई गई अनियमितताओं की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए MCD के नजफगढ़ ज़ोन को दी गई.
सोमवार को दक्षिण-पूर्व जिले में निरीक्षण की गई एक जगह अवैध निर्माण पाई गई और MCD को नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. दक्षिण जिले में भी फील्ड विज़िट की गईं. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दिन के निरीक्षण के बाद दक्षिण जिले में तीन नोटिस, उत्तर-पूर्व और उत्तरी जिलों में चार-चार नोटिस और मध्य व पश्चिमी जिलों में पांच-पांच नोटिस जारी किए गए.
15 जून को 14 प्रॉपर्टीज को किया गया सील
अधिकारियों ने बताया कि नगर निकाय ने दिन के दौरान अवैध निर्माण के लिए 10 कारण बताओ नोटिस और सीलिंग के लिए 31 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए. MCD की दैनिक कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार 15 जून को 14 प्रॉपर्टीज़ के खिलाफ विध्वंस की कार्रवाई की गई और 25 प्रॉपर्टीज़ को सील किया गया.
यह कार्रवाई शहर में नागरिक बुनियादी ढांचे की विफलता, अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार से जुड़ी कई दुखद घटनाओं के बाद शुरू की गई थी. अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण पर रोक लगाने और भवन नियमों व सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे दिल्ली में यह अभियान चलाया जा रहा है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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