दिल्ली सरकार ने राजधानी की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उन्हें पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि सरकार ने 'हमारे स्मारक, हमारा गौरव' कैंपेन के तहत दो नई योजनाओं को मंजूरी दी है.
इस पहल का मकसद दिल्ली की विरासत को जनभागीदारी के जरिए संवारना और आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली के 75 ऐतिहासिक स्मारकों को अगले पांच वर्षों के लिए निजी कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), ट्रस्ट और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को 'स्मारक मित्र' के रूप में गोद लेने की अनुमति दी जाएगी.
‘हमारे स्मारक, हमारा गौरव’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "दिल्ली की हर पीढ़ी ने इस शहर को अपनी तरह से जिया है. किसी ने इन स्मारकों को किताबों में पढ़ा, किसी ने उन्हें करीब से देखा. अब वक्त है कि इस विरासत को और संवारकर अगली पीढ़ी को सौंपा जाए."
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने ‘हमारे स्मारक, हमारा गौरव’ अभियान के तहत दो नई योजनाओं को मंजूरी दी है.
रेखा गुप्ता ने बताया, "अब दिल्ली के 75 ऐतिहासिक स्मारकों को 5 साल के लिए निजी कंपनियां, पीएसयू, ट्रस्ट और एनजीओ ‘स्मारक मित्र’ बनकर गोद ले सकेंगे. वहीं, स्मारकों के मूल संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए पात्र संस्थाओं को ₹2 करोड़ तक का अनुदान दिया जाएगा."
उन्होंने आगे बताया कि जनभागीदारी से दिल्ली की विरासत को नए गौरव और नई पहचान के साथ जीवंत सांस्कृतिक एवं पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा.
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