दिल्ली HC ने साफ-सफाई को लेकर एमसीडी के तीनों निगमों को लगाई फटकार

एमसीडी में पिछले कई महीनों से सैलरी न आने के चलते बुधवारों को 1.5 लाख कर्मचारी हड़ताल पर चले गए. इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एमसीडी के तीनों निगमों को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि जब फंड ही नहीं है, तो फिर अस्थाई कर्मचारियों को रखने की क्या जरूरत है?

Advertisement
दिल्ली HC ने एमसीडी को लगाई फटकार दिल्ली HC ने एमसीडी को लगाई फटकार

मोनिका शर्मा / पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 8:49 PM IST

एमसीडी के 1.5 लाख कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इसपर कड़ा रुख अपनाते हुए एमसीडी के तीनों निगमों को कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही तीनों निगमों के डिप्टी कमिश्नरों को तलब किया है.

हाईकोर्ट ने पूछे सवाल
हाईकोर्ट ने पूछा कि जब फंड ही नहीं है तो एमसीडी के करीब 30 हजार टेंम्पररी स्टाफ को रखने की जरूरत क्या है. कोर्ट ने कहा, 'दिल्ली में इतने कर्मचारियों के होने के बावजूद कहीं भी साफ-सफाई नजर नहीं आती है. न नाले साफ किए गए हैं और न ही कूड़ा हटाया गया है. .' कोर्ट ने कहा,'एमसीडी ही बताए कि दिल्ली को साफ कैसे रखा जा सकता है.'

Advertisement

केजरीवाल छुट्टी पर, एमसीडी कर्मचारी हड़ताल पर
दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल खांसी और डायबि‍टीज के इलाज के लिए बुधवार से 10 दिनों की छुट्टी लेकर बंगलुरु गए हैं, वहीं सैलरी और एरियर न मिलने से नाराज एमसीडी के करीब 1.5 लाख कर्मचारी एक बार फिर बुधवार से तीन दिन की हड़ताल पर हैं. एक . यहां कूड़ा डाले जाने की भी योजना बनाई गई है, वहीं दूसरी यूनियन जंतर-मंतर पर तीन दिन के लिए हड़ताल शुरू की गई.

सफाई कर्मचारी ही नहीं टीचर्स, नर्सें, इंजिनियर्स भी करेंगे हड़ताल
इसमें स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गहलोत और सलाहकार आरबी उटवाल ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से चौथे वित्त आयोग की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू करने की मांग करेंगे. यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एमसीडी एंप्लॉयीज के महासचिव राजेंद्र मेवाती ने दावा किया है कि उनके फ्रंट को तीनों एमसीडी के तमाम विभागों के कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त है. इसमें न केवल सफाई कर्मचारी बल्कि टीचर्स, नर्सें, इंजिनियर्स और अन्य कर्मचारी शामिल हैं. इन्होंने बताया कि बुधवार से तीन दिन के लिए सांकेतिक हड़ताल शुरू की जाएगी. इसमें सभी कर्मचारी काम नहीं करेंगे और सिविक सेंटर पर भी प्रदर्शन किया जाएगा.

Advertisement

मांगे नहीं मानी तो अनिश्चित समय के लिए होगी हड़ताल
तीनों निगमों के एमसीडी कर्मियों की मुख्य मांगे हैं कि सभी कर्मचारियों की सैलरी हर महीने की एक तारीख को दी जाए. सभी को बकाए भत्ते दिए जाएं और आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए तीनों नगर निगम को एक किया जाए. उन्होंने कहा कि अगर इन तीन दिनों में उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी.

हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »