असफलता छिपाने के लिए केजरीवाल ने की पूर्ण राज्य की मांग- बीजेपी

मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल को पूर्ण राज्य से कोई मतलब नहीं बल्कि वो अपनी असफलताओं को छिपाने के मकसद से पूर्ण राज्य की बात कर रहे हैं.

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दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी

रवीश पाल सिंह / जावेद अख़्तर

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 1:01 AM IST

रविवार को पूर्ण राज्य की मांग लेकर कार्यक्रम करने वाले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर बीजेपी ने अपनी असफलताओं को छिपाने का आरोप लगाया है.

दिल्ली बीजेपी ने राजघाट के सामने प्रदर्शन करते हुए कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य से पहले केजरीवाल पानी और बिजली ही ठीक से दें. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल को पूर्ण राज्य से कोई मतलब नहीं बल्कि वो अपनी असफलताओं को छिपाने के मकसद से पूर्ण राज्य की बात कर रहे हैं.

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उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली ने मदनलाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रहे लेकिन किसी के काम नहीं रुके और ना ही इनमें से किसी ने पूर्ण राज्य ना होने को कभी अपनी नाकामी छिपाने का जरिया बनाया. लेकिन केजरीवाल ने पूर्ण राज्य की बात कर पिछले साढ़े तीन सालों की नाकामियों को छिपाने की कोशिश की है. दिल्ली बीजेपी के प्रदर्शन में मनोज तिवारी के अलावा तीनों महामंत्री समेत सैंकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए.

वहीं दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर नए नाटक के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह एक असफल और हारे हुए नेता की राजनैतिक हताशा का प्रतीक है.

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गुप्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली वालों की परवाह ना करते हुए केजरीवाल ने झूठ और धोखे का ऐसा ढांचा खड़ा कर दिया है जो उनके बचे हुए कार्यकाल में उनके लिए बहाने का काम करेगा जबकि सच्चाई ये है कि मुख्यमंत्री को वर्तमान ढांचे में जो शक्तियां मिली हुई हैं केजरीवाल उन तक का सही से इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं. गुप्ता ने कहा कि जब से बनी है तब से यही सिस्टम पूरी सफलता के साथ काम कर रहा है.

गुप्ता ने जनलोकपाल के जरिए भी केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि 'ऐसा ही एक नाटक केजरीवाल ने जनलोकपाल बिल को लेकर किया. केजरीवाल इसे विधानसभा में पेश तक नहीं कर सके.' उन्होंने कहा कि केजरीवाल पहले उपराज्यपाल के दफ्तर में सोफे पर धरने पर बैठ गए और 9 दिन तक मुख्यमंत्री और उनकी मंत्री परिषद सोती रही. इसके बाद मुख्यमंत्री निजी कारणों से 10 दिन की छुट्टी पर बैंगलोर निकल गए और अब जब दिल्ली वापस आये है तो उनका शासन चलाने का कोई मूड नहीं दिखता.

बीजेपी ने केजरीवाल से सवाल पूछा है और कहा है कि मुख्यमंत्री को इस बात का जवाब देना होगा कि उन्होंने पानी की किल्लत दूर करने के लिए, प्रदूषण कम करने के लिए और पेड़ों को काटने से बचाने के लिए क्या किया?

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