ऑड इवन पार्ट-2: बंद नहीं होंगे स्कूल, यूनिफॉर्म में बैठे बच्चों वाली गाड़ियों को मिलेगी छूट

दिल्ली सरकार ऑड इवन स्कीम में स्कूल ड्रेस में बच्चे ले जा रही गाड़ियों को छूट देने पर विचार कर रही है. दिल्ली में 15 अप्रैल से ऑड इवन स्कीम का दूसरा चरण लागू होने वाला है.

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मंत्री गोपाल राय ने दी स्कीम की विस्तृत जानकारी मंत्री गोपाल राय ने दी स्कीम की विस्तृत जानकारी

केशव कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

दिल्ली सरकार ऑड इवन स्कीम में स्कूल ड्रेस में बच्चों को ले जा रही गाड़ियों को छूट देने पर विचार कर रही है. इस बार स्कीम के दौरान स्कूल बंद नहीं रहेगी. हालांकि, शुरुआत के कुछ दिन सरकारी छुट्टियों की वजह से स्कूल बंद रहेंगे. वहीं स्कूलों को डीटीसी बसें मिलती रहेंगी. दिल्ली में 15 अप्रैल से ऑड इवन स्कीम का दूसरा चरण लागू होने वाला है.

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ने बुधवार शाम इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि पिछली बार की तरह ही इस बार भी महिलाओं को छूट जारी रहेगी. 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दिल्ली की सड़कों पर फिर से गाड़ियों की आवाजाही कम हो जाएगी. इससे जुड़ी छूट और चालान से जुड़े मुद्दों पर 8 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.

सफल रहा था पहले चरण का प्रयोग
मंत्री गोपाल राय ने बताया कि पहली बार इस साल एक जनवरी से 15 जनवरी के बीच दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए ऑड इवन फॉर्मूले का प्रयोग सफल रहा था. उस दौरान लोगों की अलग-अलग राय थी. सरकार ने वेबसाइट, ईमेल, फोन और मोहल्ला सभा में लोगों से इस पर दोबारा राय ली. इस बार 80 फीसदी से ज्यादा लोग ऑड इवन की वापसी चाहते थे.

पर्यावरण बसों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी सीटें
उन्होंने कहा कि स्कीम के तहत पहले भी पर्यावरण बस सेवा शुरू की गई थी. इस बार भी यह उपलब्ध रहेगी. 28 मार्च से इन बसों के रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हुआ है और यह 14 अप्रैल तक चलेगा. दिल्ली के अंदर सीएनजी की कॉन्ट्रैक्ट बस नजदीकी डिपो में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसे स्पेशल परमिट मिलेगा जो भी चलेंगी. इस बार स्कूल की बसों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. पर्यावरण बस सेवा में इस बार भी 50 फीसदी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होगी. इन बसों में मार्शल भी तैनात होंगे.

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बदला जाएगा मेट्रो फीडर बसों का रूट
गोपाल राय ने बताया कि इस बार मेट्रो फीडर बसों के रूट बदलने का फैसला किया गया है. अब यह अधिकतम 10 किलोमीटर के दायरे में चलेंगे. जो बसें पिछली बार छूट गई थी उन्हें फीडर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए मेट्रो को प्लान बनाने के लिए कहा है. दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो इसके लिए बैठक कर चुकी है.

एनसीआर भी होगा मॉनीटर
मंत्री ने कहा कि इस बार को भी मॉनीटर किया जाएगा. पिछली बार 20 पॉइंट पर मॉनिटर हुआ. दिल्ली में इस बार रोटेशन कर मॉनीटर किया जाएगा. मोबाइल गाड़ियां होंगी जो सड़क किनारे मॉनीटर करेंगी.

पांच हजार वॉलंटियर्स दोहराएंगे गांधीगीरी
उन्होंने पिछली बार चालान को लेकर सवाल उठे थे. इस बार उसे सुधार कर शामिल किया जाएगा. इस बार स्कीम लागू करवाने के लिए एसडीएम का इमरजेंसी में इस्तेमाल होगा. साथ ही 400 पूर्व सैनिक की भर्ती भी होगी. इस बार पांच हजार सिविल वॉलंटियर्स भी अपनी भूमिका में रहेंगे. इस बार भी वह लोग फूल देकर ही गांधीगीरी दोहराएंगे.

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