दिल्ली HC में फिर पेश होंगे केजरीवाल, CBI के हलफनामे पर जवाब दर्ज कराने की करेंगे मांग

अरविंद केजरीवाल सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में पेश होकर 'हितों के टकराव' वाले अपने जवाब को रिकॉर्ड पर लेने की मांग करेंगे. केजरीवाल ने जज के बच्चों के केंद्र का वकील होने पर सवाल उठाया है, जिसे सीबीआई ने जजों को बदनाम करने की कोशिश और न्यायपालिका के लिए एक खतरनाक मिसाल बताया है.

Advertisement
केजरीवाल ने फिर उठाया जज के साथ 'हितों के टकराव' का मुद्दा (Photo: PTI) केजरीवाल ने फिर उठाया जज के साथ 'हितों के टकराव' का मुद्दा (Photo: PTI)

संजय वर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

दिल्ली हाई कोर्ट में अरविंद केजरीवाल एक बार फिर सोमवार सुबह 10:30 बजे पेश होंगे. इस बार मामला CBI के हलफनामे और उसके जवाब से जुड़ा है. हालांकि, केजरीवाल हाई कोर्ट में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया है, जिसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के साथ हितों के टकराव का मुद्दा दोबारा उठाया है. उनका कहना है कि जिस जज के सामने उनका मामला चल रहा है, उनके बच्चे केंद्र सरकार के वकील हैं, इसलिए इस पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

Advertisement

हालांकि, CBI ने केजरीवाल के इस तर्क को पूरी तरह खारिज किया है. एजेंसी का कहना है कि यह आरोप अनावश्यक हैं और जजों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है. CBI ने अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि अगर इस तरह की अर्जी को स्वीकार किया जाता है, तो यह न्यायिक व्यवस्था के लिए खतरनाक मिसाल बन सकती है. उनके मुताबिक, इससे भविष्य में सरकार से जुड़े मामलों में किसी भी जज के लिए सुनवाई करना मुश्किल हो जाएगा.

इससे पहले कोर्ट ने केजरीवाल के जवाब को रिकॉर्ड पर लेने से इनकार कर दिया था. अब वह सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में पेश होकर अपने जवाब को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग करेंगे. यह सुनवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें अदालत को तय करना है कि केजरीवाल का जवाब रिकॉर्ड पर लिया जाए या नहीं. यह पूरा मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें CBI ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें केजरीवाल को डिस्चार्ज किया गया था. इसी सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है.

Advertisement

इस बीच आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि बार-बार उनके नेता का जवाब रिकॉर्ड पर क्यों नहीं लिया जा रहा. अब सबकी नजर सोमवार की सुनवाई पर टिकी है, जहां इस पूरे मामले पर अगला फैसला सामने आ सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement