AAP की PAC बैठक, दिल्ली-पंजाब-गुजरात और गोवा को लेकर कई बड़े फैसलों की उम्मीद

AAP की पीएसी बैठक में दिल्ली-पंजाब-गुजरात और गोवा को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में आतिशी को मुख्य भूमिका की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, जबकि पंजाब-गुजरात और गोवा की जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेताओं को सौंपी जाएगी.

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अरविंद केजरीवाल. (फाइल फोटो) अरविंद केजरीवाल. (फाइल फोटो)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST

आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक बुलाई है. ये बैठक पार्टी राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर होगी. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि पार्टी की दिल्ली यूनिट का पुनर्गठन किया जा सकता है. साथ ही AAP के लिए तीन अहम राज्य पंजाब, गुजरात और गोवा की जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेताओं मिलेगी.

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इसके इतर चुनाव में हार के बाद आतिशी को राजधानी में मुख्य जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. दिल्ली यूनिट का संगठनात्मक कार्य प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेगा. साथ ही संगठन को मजबूत, विस्तार और फेरबदल का भी गोपाल राय करेंगे.

दिल्ली में आतिशी को जिम्मेदारी

दिल्ली में AAP की हार के बाद आतिशी राजधानी में मुख्य जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. बतौर नेता विपक्ष आतिशी बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक रणनीति तय करेंगी. विधानसभा चुनाव और दिल्ली सरकार पर होने वाले बड़े राजनीतिक हमलों की रणनीति आतिशी ही बनाएंगी. बड़े फैसलों में वो शीर्ष नेतृत्व की सहमति लेंगी. हालांकि, दिल्ली यूनिट का संगठनात्मक कार्य, पार्टी का विस्तार और फेरबदल का काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेगा.

पंजाब-गुजरात और गोवा पर होगा फोकस

बताया जा रहा है कि पंजाब की जिम्मेदारी मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को दी जा सकती है. गुजरात की जिम्मेदारी गोपाय राल और दुर्गेश पाठक. गोवा की जिम्मेदारी फिर से दुर्गेश पाठक को दी जा सकती है.

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सूत्रों की मानें तो दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन AAP पंजाब यूनिट के काम की देखरेख करेंगे. वे संगठनात्मक कामों को संभालेंगे, केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को लागू करने में राज्य संयोजक और पदाधिकारियों की मदद करेंगे.

इसके अलावा सिसोदिया AAP के वादों और सरकार के मुख्य एजेंडे के क्रियान्वयन पर भी नज़र रखेंगे. प्रभारी के तौर पर वे आप हाईकमान और पंजाब यूनिट-मान सरकार के बीच पुल का काम करेंगे. साथ ही सिसोदिया और सत्येंद्र पंजाब में संगठनात्मक कामों से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार को मजबूत करने के साथ-साथ मान सरकार को पंजाब मॉडल बनाने में मदद करेंगे.

गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को गुजरात की जिम्मेदारी

गुजरात AAP के लिए चुनावी युद्ध क्षेत्र बना हुआ है. 2022 में पंजाब जीतने के बाद AAP ने भाजपा के किले को भेदने के लिए कैंपेन शुरू किया था.

दिल्ली में AAP के लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी होने के बावजूद, गुजरात में अरविंद केजरीवाल और उनके युवा नेताओं की टीम ने ऐतिहासिक संख्या दर्ज की थी. आप ने गुजरात में पहली बार  विधानसभा चुनाव में लगभग 14 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि, गुजरात में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक विस्तार के देने वाले संदीप पाठक के फिलहाल राज्य से दूर रहने की संभावना है. इसलिए पार्टी गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को गुजरात के मामलों को संभालने की जिम्मेदारी दे रही है.

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बताया जा रहा है कि दोनों नेता ग्राउंड जीरो पर काम करेंगे, विधानसभा उपचुनाव जीतने और खासकर उन इलाकों में संगठन को विस्तार देने का काम सौंपा जाएगा, जहां साल 2022 में आप चूक गई थी. हालांकि, आम आदमी पार्टी के सामने ये चुनौती होगी कि वह कांग्रेस से साथ राज्य में गठबंधन करे या फिर अकेले चुनावी मैदान में उतरे.

दुर्गेश पाठक को गोवा की जिम्मेदारी

गोवा में आम आदमी पार्टी के पास दो विधायक हैं. गोवा में पार्टी ने 6 से 7 प्रतिशत वोट शेयर पर अपना कब्जा जमाया हुआ. सूत्रों से पता चलता है कि सौरभ भारद्वाज को गोवा पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया गया है. हालांकि, राज्य की जिम्मेदारी दुर्गेश पाठक के पास ही रहेगी.

सूत्रों ने ये भी खुलासा किया कि पीएसी की मंजूरी के बाद आने वाले महीनों में पार्टी की दिल्ली यूनिट में बड़ा पुनर्गठन होगा.

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