दिल्ली में अब नहीं चलेंगी 15 साल पुरानी गाड़ि‍यां, NGT ने दिए स्क्रैप करने के आदेश

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बुधवार को कहा कि 10 साल पुरानी गाड़ियों को दिल्ली से बाहर चलाया जा सकता है. इसके अलावा इसे लोगों से ध्वनि प्रदूषण करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए 5 हजार रुपये का फाइन लिया जा सकता है.

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ग्रीन टैक्स फॉर इंवॉयरनमेंट डैमेज चुकाएं पुरानी गाड़ी वाले ग्रीन टैक्स फॉर इंवॉयरनमेंट डैमेज चुकाएं पुरानी गाड़ी वाले

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2016,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बुधवार को कहा कि 10 साल पुरानी गाड़ियों को दिल्ली से बाहर चलाया जा सकता है. लेकिन दिल्ली में 15 साल पुरानी किसी भी गाड़ी को तुरंत जब्त कर स्क्रैप करने के आदेश दिए गए हैं.

दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन हो बायपास
एनजीटी ने कहा कि जो गाड़ियां ध्वनि प्रदूषण फैला रही है उन पर भी के तहत चालान करने जुर्माना लगाने की जरूरत है. ये चालान दो हजार रुपये या इससे ज्यादा भी लिया जा सकता हैं. पुलिस पर ये जिम्मेदारी होंगी कि वो ये जुर्माना वसूले.

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पानीपत से भिवानी-जयपुर जैसी जगहों से आने वाले वाहनों दिल्ली के बाहर से ही हाईवे से निकाले जाएंगे. यानी दूसरे राज्यों से दिल्ली होकर जाने वाले वाहन दिल्ली से होकर नहीं गुजरेंगे. इसके अलावा इसे लोगों से ध्वनि प्रदूषण करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए 5 हजार रुपये का फाइन लिया जा सकता है.

स्क्रैपिंग बेनिफिट भी साफ करे सरकार
एनजीटी ने आदेश दिया कि 15 साल पुरानी (डीजल-पेट्रोल दोनों) गाड़ियों को जब्त करके तुरंत स्क्रैप किया जाए. इसे दो चरणों में लागू किया जाए. साथ ही सरकार स्क्रैपिंग बेनिफिट के नाम पर क्या दे रही है इसे भी साफ करे.

स्क्रैपिंग की पॉलिसी न हो स्क्रैप
एनजीटी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि स्क्रैपिंग को लेकर पॉलिसी स्क्रैप नहीं होगी. साथ ही डीडीए को स्क्रैपिंग के लिए जगह देने का आदेश दिया गया है.

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डीटीसी बसों को सीएनजी से चलाने की तैयारी
DTC की बसों को CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के आदेश दिया. दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को सम्बंधित विभागों के साथ मिलकर एक हफ्ते में इसके लिए मीटिंग करने का आदेश दिया.

एनजीटी ने केंद्र सरकार को लगाई लताड़
एनजीटी ने केंद्र सरकार को एक बार फिर लताड़ लगाई कि उन्होंने पिछले एक साल में 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों को हटाने के लिए क्या किया है. एनजीटी ने पूछा कि आपने कुछ नहीं किया, सच्चाई ये है कि आप कुछ करना नहीं चाहते. जमीनी सच्चाई ये है कि सरकारी मशीनरी काम ही नहीं करना चाहती.

केंद्र या दिल्ली सरकार के पास कोई जवाब है?
केंद्र सरकार ने एक अर्जी लगाई है कि रोज की लोगों की दैनिक जरूरतों को ढोने वाली से छूट दी जाए. एनजीटी ने कहा कि दिल्ली में एमसीडी क्यों बिना डीजल की गाड़ियां अभी तक नहीं चला पाई है? क्यों अभी तक DTC की बसें पेट्रोल या इलेक्ट्रिक सिस्टम पर नहीं आ पाई है? क्या आपके पास कोई जवाब है?

लोगों की सेहत जरूरी है या ट्रांसपोटर्स का नुकसान
हमसे राहत लेने के बजाय आप लोग ट्रांसपोटर्स को क्यों तैयार नहीं करते कि वो 10 साल पुराने वाहनों को बदले. एनजीटी ने कहा कि आम लोगों का स्वास्थ्य ज्यादा जरूरी है या ट्रांसपोर्टर का नुकसान. नुकसान तो लोगों के स्वास्थ्य का भी हो रहा है. दिल्ली सरकार ने अब तक 10 साल पुरानी गाड़ियों को सड़को से हटाने के लिए क्या किया है.

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एनजीटी ने कहा कि हम बहुत साफ हैं कि हमने क्या आदेश किया है और क्यों किया है. आप जाने के लिए स्वतंत्र हैं.

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