चंगाई सभा की आड़ में धर्मांतरण? छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन पर आरोप है कि वे अपने निवास पर बिना अनुमति 'चंगाई सभा' चलाकर लोगों को प्रलोभन दे रही थीं. पुलिस ने रजिस्टर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की है.

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सरगुजा में अवैध धर्मांतरण के शक में पूर्व अधिकारी गिरफ्तार (Photo-ITG) सरगुजा में अवैध धर्मांतरण के शक में पूर्व अधिकारी गिरफ्तार (Photo-ITG)

सुमित सिंह

  • सरगुजा,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:24 AM IST

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस ने रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर को धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किया है. 26 जनवरी को ओमेगा टोप्पो के घर एक विशेष चंगाई सभा का आयोजन किया गया था. जनकारी मिलते ही हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गये. 

आरोप है कि सभा में करीब 50 से 60 लोग मौजूद थे. इस सभा में चार-पांच हिन्दू थे जिनका धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था. तनाव बढ़ने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पूर्व महिला अधिकारी से पूछताछ की लेकिन इसके बाद वो फरार हो गयी थीं.

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मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला इलाके का है, जहां आरोपी के निवास पर बीते एक साल से हर रविवार ‘चंगाई सभा’ का आयोजन किया जा रहा था. आरोप है कि इन सभाओं के माध्यम से लोगों को प्रलोभन और भ्रम में डालकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था.

घर पर चल रही थी चंगाई सभा

घटना 26 जनवरी को सामने आई, जब ओमेगा टोप्पो के घर पर विशेष चंगाई सभा आयोजित की गई थी. इसकी सूचना मिलने पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. उस समय घर में 50 से 60 लोग मौजूद थे और बाहर वाहनों की कतार लगी हुई थी. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सभा के दौरान हिंदू समाज के चार-पांच लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा था.

यह भी पढ़ें: फर्जी पहचान, लव मैरिज और धर्मांतरण की साजिश... गुरुग्राम 'लव जिहाद' केस में सनसनीखेज खुलासा

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सूचना मिलने पर गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन रिटायर्ड अधिकारी ने प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए पुलिस को अंदर प्रवेश से रोकने का प्रयास किया. उन्होंने पहचान पत्र और तलाशी वारंट की मांग की. समर्थकों ने भी प्रार्थना सभा समाप्त होने तक पुलिस को अंदर न जाने देने की कोशिश की.

 इसके बावजूद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए जांच की और एक रजिस्टर जब्त किया, जिसमें सभाओं में आने वाले लोगों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे. जांच में सामने आया कि इन आयोजनों के लिए किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी. हिंदूवादी संगठन के सदस्य रोशन तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया. पूछताछ के बाद आरोपी भूमिगत हो गई थीं, जिन्हें गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.
 

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