छत्तीसगढ़: एक विवाद, एक FIR और तीन मौतें, 16 जून की झड़प से कैसे जुड़ रहा कोरिया ट्रिपल मर्डर केस

कोरिया ट्रिपल मर्डर केस में जांच के दौरान 16 जून की एक झड़प को अहम कारण माना जा रहा है. इस झड़प में सिंह और त्रिपाठी परिवार के सदस्यों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद FIR दर्ज हुई. पुलिस अब FIR, कथित समझौता कॉल और हत्या की वारदात के बीच संबंध की जांच कर रही है.

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 कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की जड़ में 16 जून की झड़प सामने आई. (Photo: ITG) कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की जड़ में 16 जून की झड़प सामने आई. (Photo: ITG)

सुमी राजाप्पन

  • कोरिया ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:07 PM IST

छत्तीसगढ़ के कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की जांच में पुलिस को अब घटनाक्रम से पहले हुई एक झड़प अहम कड़ी के रूप में दिखाई दे रही है. जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार 16 जून को हुई एक घटना इस पूरे मामले की शुरुआती वजह हो सकती है, जिसके बाद हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते गए और अंत में तीन लोगों की हत्या तक मामला पहुंच गया. जानकारी के अनुसार 16 जून को भाजपा नेता भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार मयंक सिंह और निशांत त्रिपाठी के बीच एक विवाद हुआ था. बताया जा रहा है कि यह विवाद बैकुंठपुर से लौटने के दौरान शुरू हुआ था. यह झड़प बढ़ते हुए सोनहत थाना तक पहुंची, जहां दोनों पक्षों की तरफ से मामला दर्ज कराया गया.

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पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी. FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. लेकिन इसी दौरान दोनों परिवारों के बीच तनाव और बढ़ता चला गया. जांच में सामने आया है कि जमीनी स्तर पर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही रंजिश की स्थिति बनी हुई थी.

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार FIR दर्ज होने के बाद एक कथित फोन कॉल भी किया गया था. बताया जा रहा है कि मनोज त्रिपाठी ने भारत सिंह से संपर्क कर विवाद को सुलझाने और समझौते की बात की थी. स्थानीय जानकारी के अनुसार इस बातचीत में विवाद को शांत करने की कोशिश की जा रही थी और मामला खत्म करने की संभावना पर चर्चा हुई थी. 

 झड़प बनी ट्रिपल मर्डर केस की शुरुआती कड़ी

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हालांकि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह समझौता बातचीत वास्तविक थी या फिर यह पूरी घटनाक्रम की एक कड़ी का हिस्सा थी. जांच एजेंसियों को शक है कि जब एक तरफ समझौते की बातचीत चल रही थी, उसी समय दूसरी तरफ किसी बड़ी कार्रवाई की तैयारी भी हो रही थी.

पुलिस के अनुसार 16 जून की झड़प, FIR दर्ज होने, कथित समझौता कॉल और उसके बाद हुई हत्या के बीच समयरेखा को स्पष्ट करना बेहद जरूरी है. इसी आधार पर यह समझा जा सकता है कि इस पूरे मामले में किस स्तर पर योजना बनी और किसकी क्या भूमिका रही. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हत्या की साजिश झड़प के तुरंत बाद रची गई थी या फिर इसकी तैयारी पहले से चल रही थी. पुलिस का मानना है कि समयरेखा स्पष्ट होने पर इस केस में शामिल आरोपियों की भूमिका और मकसद को समझना आसान होगा.

फिलहाल पुलिस इस मामले में फरार चल रहे पांच आरोपियों की तलाश में जुटी है. माना जा रहा है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले की कई और परतें सामने आ सकती हैं. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में 16 जून की घटना और ट्रिपल मर्डर के बीच की कड़ी पूरी तरह साफ हो जाएगी.

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FIR दर्ज होने के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ा

कोरिया ट्रिपल मर्डर केस अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसी श्रृंखला बन चुका है जिसमें पुरानी रंजिश, FIR, कथित समझौता और अचानक हुई हिंसा एक दूसरे से जुड़ते नजर आ रहे हैं. पुलिस की जांच अब इन्हीं कड़ियों को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
 

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