छत्तीसगढ़ के बालोदाबाजार जिले के खरवे गांव में पिछले कुछ महीनों में हुई आठ लोगों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया है. इन मौतों ने एक ऐसा मामला खड़ा कर दिया है जिसमें जहरीली शराब, काला जादू, छिपे खजाने और संभावित साजिश जैसे कई दावे सामने आ रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार 6 फरवरी 2026 से 14 मई 2026 के बीच अलग अलग तारीखों पर आठ लोगों की मौत हुई है.
मृतकों में बद्री प्रसाद पटेल, बतुलू साहू, छत्तूराम साहू, बुधराम जयसवाल वाल, विनोद साहू, गजानंद मांझी, चैतूराम साहू और महेतरू साहू शामिल हैं. इनमें से सात लोगों का अंतिम संस्कार महानदी नदी किनारे किया गया जबकि एक का अंतिम संस्कार किया गया. घटनाओं के बाद ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की. 13 जून को महेतरू साहू के शव को कब्र से निकाला गया और 16 जून को छह अन्य शवों को भी पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए रायपुर के डॉ भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल भेजा गया.
ग्रामीणों का पहला आरोप यह है कि गांव के ही निवासी रामसे जयसवाल ने कथित तौर पर शराब में जहरीला पदार्थ सुहागा मिलाकर लोगों को पिलाया था. ग्रामीणों के अनुसार कई मृतकों ने मौत से पहले यही शराब पी थी और कुछ लोग बीमार भी पड़े थे.
आठ मौतों से दहला गांव
गांव के पंचायत प्रतिनिधि मायाराम नवरंगे ने कहा कि सभी आठ मौतों में एक जैसी स्थिति सामने आई है जिससे शक और गहरा गया है. एक ग्रामीण कार्तिक ने दावा किया कि उसने भी उसी शराब का सेवन किया था लेकिन वह गंभीर उल्टी और बेहोशी के बाद बच गया. एक अन्य ग्रामीण मनिलाल साहू ने कहा कि घटना वाले दिन उसने चैतूराम साहू को आरोपी की दुकान के पास देखा था और उसने शराब लेने से इनकार किया था.
दूसरी ओर ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि रामसे जयसवाल अक्सर जमीन के नीचे दबे खजाने को निकालने की बात करता था. ग्रामीणों के अनुसार वह कई बार तांत्रिक क्रियाओं और अनुष्ठानों की चर्चा करता था. कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि घरों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के लिए रखे गए चावल भी एकत्र किए जाते थे. इससे गांव में काला जादू और तंत्र क्रिया जैसी चर्चाएं फैल गई हैं.
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक काला जादू, खजाने या तांत्रिक गतिविधियों से जुड़ा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. गांव में यह भी दावा सामने आया है कि कुल 21 लोगों को कथित रूप से निशाना बनाया गया था, जिनमें से आठ की मौत हो चुकी है. पंचायत प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि नौवें व्यक्ति कार्तिक के बीमार पड़ने के बाद ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी सूची या साजिश की पुष्टि नहीं की है और इसे ग्रामीणों की आशंका बताया है.
इस बीच गांव में पहले यह धारणा भी बनी थी कि देवी देवता नाराज हैं और इसी वजह से मौतें हो रही हैं. ग्रामीणों ने पूजा पाठ और अनुष्ठान भी किए लेकिन जब मौतें नहीं रुकीं तो उन्होंने पुलिस से जांच की मांग की. कुछ नए बयानों में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रामसे जयसवाल ने महेतरू साहू की कब्र को जेसीबी से खोदने और सुहागा नाम के पदार्थ के इस्तेमाल की बात कही थी. मृतक के बेटे संजू कुमार साहू ने कहा कि उनके पिता को नदी स्नान के दौरान शराब दी गई और बाद में उनकी मौत हो गई. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है.
गांव के सरपंच ने भी आशंका जताई है कि शराब में जहरीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है. पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा ने कहा है कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई है और वैज्ञानिक जांच के लिए शवों को निकाला गया है. उन्होंने कहा कि अभी मौतों का कारण स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है. पुलिस ने बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं.
जहरीली शराब या साजिश
फिलहाल पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है. लोग अलग अलग तरह की बातें कर रहे हैं और हर नई जानकारी के साथ मामला और उलझता जा रहा है. अब सभी की नजर पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट पर टिकी है जो इस रहस्यमयी मौतों की असली वजह सामने ला सकती है.
सुमी राजाप्पन