इबोला का खतरा? छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड पर, रायपुर एयरपोर्ट पर नोडल अधिकारी करेंगे निगरानी

इबोला संक्रमण को लेकर ग्लोबल लेवल पर बढ़ती चिंताओं के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर कड़ी निगरानी और यात्रियों की स्क्रीनिंग के लिए नई एडवाइजरी जारी की है.

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रायपुर एयरपोर्ट पर इबोला स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल लागू. (Photo: ITG) रायपुर एयरपोर्ट पर इबोला स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल लागू. (Photo: ITG)

सुमी राजाप्पन

  • रायपुर,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:36 PM IST

इबोला संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी एहतियातन तैयारियां तेज कर दी हैं. स्वास्थ्य विभाग ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पर यात्रियों की मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं.

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की ओर से जारी इस आदेश में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हवाई अड्डे पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें, जो आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों का समन्वय करेगा.

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25 मई को जारी निर्देश के अनुसार, नोडल अधिकारी हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों की उचित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने और इबोला से संबंधित किसी भी संदिग्ध लक्षण की पहचान करने के लिए जिम्मेदार होगा.

इबोला के बताए गए लक्षणों में बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर चकत्ते और आंखों का लाल होना शामिल हैं.

अधिकारी को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध मामले की स्थिति में वह तत्काल संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित करे. एडवाइजरी में आगे यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि जरूरी हो तो संदिग्ध रोगियों के लिए आइसोलेशन, रेफरल और आपातकालीन प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी.

यह निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को भेजा गया है, जिसकी प्रतियां स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य सेवा आयुक्त-सह-निदेशक, छत्तीसगढ़ को भी भेजी गई हैं.

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स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एडवाइजरी एक एहतियाती तैयारी का उपाय है, जिसका उद्देश्य किसी भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम को रोकना और संदिग्ध संक्रमण की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है.

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश भर के कई राज्य और स्वास्थ्य एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय संक्रामक रोगों की निगरानी समेत हवाई अड्डों पर जांच प्रोटोकॉल को लेकर सतर्क बनी हुई हैं.

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