बिहार: लालू के जन्मदिन पर मांझी से मिले तेज प्रताप, क्या आसान होगा सियासी उलटफेर?

लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अचानक ही जीतन राम मांझी से मिलने उनके घर पहुंच गए. आधे घंटे चली इस लंबी मुलाकात के बाद जब दोनों नेता बाहर निकले तो उन्होंने किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा से इंकार किया. 

Advertisement
जीतन राम मांझी से मिले तेज प्रताप (फोटो- आजतक) जीतन राम मांझी से मिले तेज प्रताप (फोटो- आजतक)

उत्कर्ष कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2021,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST
  • लालू के जन्मदिन पर मुलाकात के सियासी मायने
  • क्या बदल रहे हैं एनडीए के समीकरण
  • लालू के जेल से बाहर आने के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

बिहार की राजनीति में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. आशंका जाहिर की जा रही है कि आने वाले समय में कोई बड़ा राजनीतिक उथलपुथल होने वाला है. शुक्रवार को आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) अध्यक्ष लालू यादव के जन्मदिन पर ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अचानक ही जीतन राम मांझी से मिलने उनके घर पहुंच गए. आधे घंटे चली इस लंबी मुलाकात के बाद जब दोनों नेता बाहर निकले तो उन्होंने किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा से इंकार किया. 

Advertisement

मांझी ने कहा कि उन्होंने ट्वीट करके और फोन पर बात करके लालू यादव को जन्मदिन की बधाई दी है. लालू यादव स्वस्थ हों, हम इसकी कामना करते हैं. मांझी ने कहा कि तेज प्रताप यादव के साथ कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, सिर्फ युवाओं के संगठन को लेकर बात हुई. उन्होंने बताया कि तेज प्रताप ने एक गैर राजनीतिक संगठन को लेकर प्रस्ताव दिया है, जो सामाजिक मुद्दों को लेकर काम करेगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के लोगों को बुलाया जाएगा और मैं भी जाऊंगा.

जीतन राम मांझी ने NDA में रहने के सवाल पर कहा कि वो जहां हैं, वहीं रहेंगे. महागठबंधन से ऑफर के मुद्दे पर कहा कि भाईचारा में तो कोई कुछ भी कह सकता है. तेज प्रताप से मुलाकात के बाद NDA में धुकधुकी बढ़ने के सवाल पर मांझी ने मजाकिया लहजे में कहा कि धुकधुकी कहां बढ़ी है ये तो आप लोग जानते ही हैं.

Advertisement

और पढ़ें- 'बन आंकड़ों का दर्जी, घटा-बढ़ा दिया मनमर्जी,' कोरोना मौतों के नए आंकड़ों पर लालू का नीतीश पर वार

वहीं तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात के बाद कहा कि वो पहले भी मांझी अंकल से मिलते रहे हैं और मार्गदर्शन लेते रहे हैं. हमारा पारिवारिक संबंध है. इतने दिनों के लॉकडाउन के बाद सोचा कि इनसे मुलाकात कर लेते हैं, कोई राजनीतिक बात नहीं हुई है.

मांझी और तेज प्रताप भले ही किसी राजनीतिक बात होने से इनकार कर रहे हों लेकिन अंदरखाने चर्चा यही है कि लालू यादव के जेल से बाहर आने के बाद से बिहार की सियासत गरमाई हुई है. मांझी और सहनी की बयानबाजी से भी ये साफ है कि बिहार NDA में सबकुछ ठीक तो नहीं है. लेकिन फिलहाल बिहार विधानसभा का अंकगणित ऐसा है कि लालू यादव के लिए बिहार में सियासी उठापटक करना आसान नहीं होगा. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »