पुजारी को गोली मारी, आंखें निकाली और..., बिहार में सनसनीखेज वारदात

गोपालगंज से हत्या का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. फिर उसके दोनों आंखें निकाल ली गई. इस हालत में शव मिलने से स्थानीय लोगों का गुस्सा फुट पड़ा और NH-27 पर आगजनी कर पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा की. साथ ही सूचना पर पहुंची पुलिस पर पथराव कर दिया.

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NH-27 पर जमकर लोगों ने किया हंगामा. NH-27 पर जमकर लोगों ने किया हंगामा.

विकाश कुमार दुबे

  • गोपालगंज,
  • 16 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST

बिहार के गोपालगंज में पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद दोनों आंखें निकाल ली. पुजारी का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है. लोगों ने NH-27 पर आगजनी कर पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया और सूचना पर पहुंची पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. 

दरअसल, मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर गांव के रहने वाले मनोज कुमार गांव के ही शिव मंदिर में पुजारी थे. करीब छह दिन पहले घर से मंदिर में पूजा करने के लिए गए और अचानक गायब हो गए थे. काफी खोजबीन के बाद भी लापता पुजारी का कुछ सुराग नहीं मिला. इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका.

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शनिवार को गांव के झाड़ी में पड़ा मिला शव

लापता पुजारी मनोज का शव शनिवार को गांव के ही झाड़ी में पड़ा मिला. इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण जुट गए और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया. आक्रोशित लोगों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही के कारण हत्या हुई है. वहीं, सदर एसडीपीओ प्रांजल मौके पर पहुंच कर आक्रोशित लोगों को समझाने लगे. 

गोली मारने के बाद निकाल ली गई दोनों आंखे

जानकारी के मुताबिक, पुजारी मनोज कुमार की हत्या निर्मम तरीके से की गई है. आरोपियों ने पुजारी को गोली मारने के बाद उसकी दोनों आंखें निकाल ली और  प्राइवेट पार्ट को भी काट दिया.  हत्या करने वाले कौन हैं. किस विवाद में जघन्य तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया है. इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है. वहीं, पुजारी मनोज कुमार के भाई अशोक कुमार साह पूर्व मुखिया और भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष हैं. 

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पुलिस पर लापरवाही का आरोप

मृतक के भाई सुरेश साह ने बताया कि मंदिर से भाई को मंदिर में लगे कैमरे में वहां से निकलते हुए देखा गया था. इसके बाद हम लोगों ने सोचा कि भाई कहीं आसपास ही गया होगा. पुलिस भी तीन घंटे में खोजबीन करने का आश्वासन दिया, लेकिन छह दिन में खोजबीन नहीं कर सके. वहीं, ग्रामीण ललित सिंह ने बताया कि मंदिर पर तीन लोग रहते थे. मनोज फोन से बात करने के बाद मंदिर से निकल गए और लौट कर नहीं आए. शनिवार को छह दिन बाद घर के सामने उसके शव को फेंका गया है. 

मामले में एसडीपीओ ने कही ये बात

गोपालगंज के एसडीपीओ प्रांजल ने बताया कि पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को बुला लिया गया है. साथ ही हाईवे को क्लियर कर लिया गया है. मौके पर लोगों के द्वारा पत्थरबाजी की गई है. इस मामले में एफआईआर दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.

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