बाहुबली नेता आनंद मोहन की राहुल गांधी को सलाह- अपना सलाहकार बदल दें

पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा है कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी एकता की बैठक को हल्के में ना लें. विपक्षी एकता को लेकर की गई बैठक रंग लाएगी.  सत्तारूढ़ दल के खिलाफ विपक्षी एकता को लेकर की गई बैठक एक स्वरूप ले लिया है.

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पूर्व सांसद आनंद मोहन. पूर्व सांसद आनंद मोहन.

राकेश कुमार सिंह

  • जमुई,
  • 30 जून 2023,
  • अपडेटेड 10:41 PM IST

लोकसभा चुनाव 2024 की सुगबुगाहट के बीच देश और बिहार की राजनीति में नाम की चर्चा खूब हो रही है. वह नाम है बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन का, जिनकी गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी.कृष्णैया हत्याकांड में 16 वर्षों बाद रिहाई हुई है. आजतक की टीम ने सांसद आनंद मोहन से खास बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने देश की राजनीति, बिहार की राजनीति पर बात की. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी अपनी राय रखी 

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जमुई में पूर्व सांसद आनंद मोहन से हुई बातचीत के दौरान आनंद मोहन ने कहा कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी एकता की बैठक को हल्के में ना लें. विपक्षी एकता को लेकर की गई बैठक रंग लाएगी. सत्तारूढ़ दल के खिलाफ विपक्षी एकता को लेकर की गई बैठक एक स्वरूप ले लिया है. उन्होंने कहा बिहार ने जब भी अंगड़ाई ली है, देश में परिवर्तन हुआ है. एक मजबूत केंद्र के खिलाफ मजबूत विपक्ष की जरूरत है. 10 वर्षों के बाद देश में बदलाव का पर्व आता है और 10 में साल देश परिवर्तन चाहता है.

सारे युधिष्ठिर और हरिश्चंद्र एक ही पार्टी में: आनंद मोहन

बीजेपी पर वार करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि विपक्षी भ्रष्टाचारियों की जमात अगर है तो सारे युधिष्ठिर और हरिश्चंद्र एक ही पार्टी में हैं. उन्होंने बीजेपी की तुलना 'वाशिंग पाउडर' निरमा से की. 2024 लोकसभा चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता का जहर देश और समाज में नहीं चलने देंगे.

आनंद मोहन ने राहुल गांधी के पदयात्रा को एक साहसिक कदम बताते हुए उन्हें सलाहकार बदलने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा से उनका पुरुषार्थ बोल रहा है. उन्होंने मनीषियों की पंक्ति 'प्रेम न बाड़ी उपजे, प्रेम न हाट बिकाय, राजा परजा जेहि रुचै, शीश देई लेई जाए' कहते हुए कहा कि प्रेम हाट बाजार में खरीद फरोख्त की चीज नहीं है. इसलिए मोहब्बत की दुकान नहीं हो सकती है.

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करोड़ों खर्च कर बिगाड़ी गई राहुल गांधी की इमेज: आनंद मोहन

पूर्व सांसद ने कहा कि जिस प्रकार से एक अकेले व्यक्ति को हजारों-करोड़ों रुपए खर्च कर मीडिया और सोशल मीडिया में पप्पू साबित करने की चेष्टा की गई. देश की बहू उनकी मां सोनिया गांधी को गालियां दी गईं. यह संस्कृति और संस्कार के कथित ठेकेदारों का निम्न स्तर का सबसे ज्यादा घृणित कार्य है.

उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की पदयात्रा कर राहुल गांधी ने भाजपा द्वारा बनाए गए पप्पू के इमेज को अपने साहसिक कदम से एक बार में धो डाला. राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान चलाने नहीं निकले बल्कि अपने पुरखों की तरह सुख-चैन का बलिदान देने के लिए निकले हैं.

परिस्थितियां नेता पैदा करती हैं: आनंद मोहन

आनंद मोहन का कहना है कि राहुल गांधी को अपने सलाहकार को सलाह देने की जरूरत है या फिर अपने सलाहकार को बदलने की जरूरत है. राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे बिना डरे सिस्टम के साथ अकेले जूझ रहे हैं. देश में वोट के लिए नफरत और वैमनस्यता के बीज बोए जा रहे हैं. सांप्रदायिक जहर बोकर सरकार तो बना सकते हैं लेकिन देश नहीं बनाया जा सकता है.  पीएम फेस के सवाल पर पूर्व सांसद ने कहा नेता परिस्थितियां पैदा नहीं करते बल्कि परिस्थितियां नेता पैदा करती हैं. वक्त आने पर सब कुछ सामने आ जाएगा.

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16 साल जेल में रहने पर यह बोले आनंद मोहन

आनंद मोहन ने 16 वर्षों के अपने जेल के दिनचर्या की भी चर्चा करते हुए कहा कि पीएम के स्वच्छ भारत अभियान की देश में क्या हाल है किसी से छुपे नहीं है. स्वच्छ भारत अभियान की सही स्थिति देखनी हो तो सहरसा मंडल कारा जाकर केन्द्रीय मंत्रियों को देखना चाहिए. उसी प्रकार बिहार सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट जल-जीवन-हरियाली को लेकर भी बिहार के अधिकारियों को सहरसा मडल कारा से सीख लेनी चाहिए.

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