फैक्ट चेक: सैनिटरी पैड फाड़ कर सपा-कांग्रेस वर्कर्स ने किया महिला आरक्षण बिल का विरोध? नहीं ये है असलियत

महिला आरक्षण बिल पर विवाद के बीच वायरल वीडियो को लेकर फैक्ट चेक में सामने आया कि यह भारत का नहीं बल्कि 2023 का पाकिस्तान का वीडियो है, जिसे गलत दावे के साथ शेयर किया गया.

Advertisement
पाकिस्तान के पेशावर की पुरानी रैली का क्लिप पाकिस्तान के पेशावर की पुरानी रैली का क्लिप

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान संशोधन बिल 17 अप्रैल को भी लोकसभा में पास नहीं हो सका. सरकार इसे पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई. इसके बाद से बीजेपी विपक्ष पर हमलावर है और उसे महिला विरोधी बता रही है. वहीं विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन से नहीं जोड़ना चाहिए.

Advertisement

सोशल मीडिया पर अब एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग कपड़े जैसी किसी चीज को चीरते हुए नजर आ रहे हैं. कुछ लोग तो इसे अपने दांतों से फाड़ते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.

इसे शेयर करने वालों की मानें तो ये लोग कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हैं और महिला आरक्षण बिल के विरोध में सैनिटरी पैड फाड़कर प्रदर्शन कर रहे थे.

एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा - “महिला आरक्षण बिल के विरोध में सपाह-ख़ांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने झामा मच्जिद के सामने "सैनिटरी पैड" फाड़कर प्रदर्शन किया जुम्मे के दिन किसी ने अफवाह फैला दी कि ये बिल इछ्लाम के ख़िलाफ है. ज़ालिमों ने मुँह से ही "सैनिटरी पैड" फाड़ डाले.” इसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पाकिस्तान के पेशावर का है.

Advertisement

कैसे पता की सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये अक्टूबर 2023 के एक एक्स पोस्ट में मिला. इतनी बात तो यहीं साफ हो जाती है कि ये हाल-फिलहाल का नहीं है. इस पोस्ट के मुताबिक ये वीडियो पाकिस्तान में इजरायल के खिलाफ हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है.

बेहतर क्वालिटी वाले इस वीडियो में LS News नाम एक लोगो नजर आता है. LS News पाकिस्तान का एक लोकल न्यूज आउट्लेट है. इस आउटलेट ने 15 अक्टूबर को ये वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया था. पोस्ट के मुताबिक पेशावर में लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में एक मार्च निकाला था. ये वीडियो उसी वक्त का है. लोग इजरायल के खिलाफ नारे लगाते भी सुने जा सकते हैं.
 



इसी आउट्लेट की 13 अक्टूबर की वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक जमात-ए-इस्लामी ने पेशावर में फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के खिलाफ एक रैली निकाली थी. उस वक्त पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की रैलियां निकाली गईं थीं.

महिला आरक्षण बिल पर सपा-कांग्रेस का क्या रुख?
विपक्ष की एकजुटता के चलते ये बिल 17 अप्रैल को लोकसभा में गिर गया. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों का कहना है कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं लेकिन इसके साथ जोड़े गए परिसीमन के प्रावधान के खिलाफ  हैं. विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी पर परिसीमन के जरिए देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.

Advertisement

कांग्रेस की मांग है कि 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के अनुसार महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दिया जाए.

परिसीमन विधेयक 2026, संविधान संशोधन (131वां) बिल में शामिल था. अगर ये पास हो जाता तो, पहले की जनगणना के आधार पर सीटों का परिसीमन होता और संसद की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 तक हो जातीं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »