फैक्ट चेक: वैक्सीन लगने के बाद बांह में चिपक रहा चुम्बक? बकवास है शरीर में चिप डालने का ये दावा

सोशल मीडिया पर कुछ लोग कह रहे हैं कि कोरोना वैक्सीन के जरिये हमारे शरीर में कोई ऐसी धातु या चिप डाली जा रही है जिसकी वजह से बांह में वैक्सीन वाली जगह पर चुम्बक चिपक जाता है. ऐसा कहने वाले लोग अपनी वैक्सीन वाली बांह में चुम्बक चिपकाकर वीडियो बना रहे हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कोरोना की वैक्सीन के जरिये हमारे शरीर में माइक्रोचिप या चुम्बकीय गुणों वाली धातु डाली जा रही है. तभी बांह में वैक्सीन वाली जगह पर चुम्बक चिपक जाता है.
सच्चाई
कोरोना वैक्सीन के जरिये लोगों के शरीर में माइक्रोचिप या चुम्बकीय गुणों वाली धातु डाले जाने की बात गलत है. बांह में चुम्बक चिपकने की वजह कोरोना वैक्सीन हरगिज नहीं है. दुनिया के कई विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2021,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST

सोशल मीडिया पर कुछ लोग कह रहे हैं कि कोरोना वैक्सीन के जरिये हमारे शरीर में कोई ऐसी धातु या चिप डाली जा रही है जिसकी वजह से बांह में वैक्सीन वाली जगह पर चुम्बक चिपक जाता है. ऐसा कहने वाले लोग अपनी वैक्सीन वाली बांह में चुम्बक चिपकाकर वीडियो बना रहे हैं जो ‘#covidmagnetchallenge’ जैसे हैशटैग्स के साथ वॉट्सएप और टेलीग्राम पर खूब शेयर हो रहे हैं.

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वहीं कुछ लोग एक कदम और आगे बढ़कर बांह की वैक्सीन वाली जगह पर चुम्बक के अलावा चम्मच और मोबाइल फोन भी चिपका कर दिखा रहे हैं. टेलीग्राम पर वायरल ऐसा ही एक वीडियो नीचे देखा जा सकता है. इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है, “एक और व्यक्ति जिसकी बांह पर कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद चुम्बक चिपक गया.”

एक ट्विटर यूजर ने भी ऐसा ही एक वीडिया शेयर किया जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति की बांह में एक चुम्बक चिपकाया जाता है. इस वीडियो के साथ कैप्शन है, “इन्होंने जहां कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी, वहां चुम्बक चिपक रहा है. आपको समझना चाहिए कि ये कोई वैक्सीन नहीं, एक चिप है, जिसे आपके शरीर में डाला जा रहा है.”

इस का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
 
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि दुनिया के कई विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है कि कोरोना की वैक्सीन के जरिये शरीर में माइक्रोचिप या मैग्नेटिक धातु के कण डाले जाने का दावा एकदम मनगढ़ंत है.

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इंस्टाग्राम पर इस दावे को लेकर हाल ही में ‘कोविड-19 वैक्सीन मैग्नेट चैलेंज’ वायरल हुआ था, जिसके तहत कोविड वैक्सीन लगवाने वाले कई लोगों ने अपनी बांह पर चुम्बक चिपकाने की कोशिश करते हुए डाले थे.

बांह में चुम्बक चिपकाने वाले इन वीडियोज पर प्रतिक्रिया देते हुए जहां कुछ लोग डर जाहिर कर रहे हैं तो कुछ समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ये माजरा क्या है.

कोविड वैक्सीन: माइक्रोचिप और धातु कण से जुड़े सवाल

‘ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय’ के एक के मुताबिक, कुछ वैक्सींस में एल्युमिनियम धातु पाई जाती है. हालांकि इसकी मात्रा इतनी कम होती है, जितनी सामान्य खाने की चीजों और पीने के पानी में भी प्राकृतिक रूप से पाई जाती है. दूसरी बात ये कि एल्युमिनियम में लोहे की तरह नहीं होते.

कोरोना वैक्सीन में माइक्रोचिप होने का कोई प्रमाण नहीं है. कुछ समय पहले ‘आजतक’ इस दावे का खंडन कर चुका है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

‘ट्रिनिटी कॉलेज ड्यूबलिन’ के स्कूल ऑफ फिजिक्स के प्रोफेसर माइकल कॉय ने में इस बात की पुष्टि की कि कोरोना वैक्सीन की वजह से बांह में चुम्बक चिपकने की बात कोरी बकवास है. किसी चुम्बक को आकर्षित करने के लिए कम से कम एक ग्राम धातु की जरूरत होगी और अगर इतनी धातु आपकी बांह में होगी तो आपको यकीनन इसका एहसास होगा.

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शक्तिशाली चुम्बकों पर रिसर्च करने वाले ‘नेशनल हाई मैग्नेटिक फील्ड लेबोरेट्री’के फिजिसिस्ट एरिक पाम ने ‘ में बताया, “वैक्सीन की सुई बेहद छोटी होती है. अगर उस सुई के जरिये किसी के शरीर में मैग्नेटिक धातु के कण डाल भी दिए जाएं, तो वो इतने छोटे होंगे कि उनमें चुम्बक को बांह की त्वचा से चिपकाए रखने की शक्ति ही नहीं होगी. बांह पर मैग्नेट चिपकाने की वजह कोई वैक्सीन हो ही नहीं सकती. हम सब बचपन में अपने माथे पर सिक्का चिपकाने का खेल खेलते थे. बांह पर चुम्बक चिपकना भी कुछ वैसा ही है. ये अकसर त्वचा पर मौजूद तेल की वजह से चिपकता है. या हो सकता है कुछ लोग इसके लिए विशेष ट्रिक का इस्तेमाल कर रहे हों, उदाहरण के तौर पर, त्वचा पर गोंद लगाकर मैग्नेट चिपका रहे हों.”

हमने वायरल वीडियो इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर ईशान गुप्ता को भेजा. उन्होंने हमें बताया कि बांह पर चुम्बक चिपकने की वजह कोरोना वैक्सीन हरगिज नहीं हो सकती. उन्होंने कहा, वैक्सीन में माइक्रोचिप और चुम्बकीय धातु कण होने की बात कोरी बकवास है.

अमेरिकी डॉक्टर जिसने ‘मैग्नेट चैलेंज’ स्वीकार करके दूर किया भ्रम

अमेरिका की सेलेब्रिटी डॉक्टर जेन कॉडल ने ‘कोविड वैक्सीन मैग्नेट चैलेंज’ को स्वीकार करते हुए अपनी दोनों बाहों पर मैग्नेट लगाने की कोशिश की, जिसमें वो असफल रहीं. इस वीडियो के जरिये डॉक्टर कॉडल ने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल वैक्सीन वाली बांह पर मैग्नेट चिपकाने के वीडियो सिर्फ लोगों को डराने और कोरोना की वैक्सीन लगवाने से हतोत्साहित करने के प्रयास हैं. वैक्सीन के जरिये लोगों के शरीर में कोई माइक्रोचिप नहीं लगाई जा रही है. कोविड वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है.

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यानी, ये बात साफ है कि कोरोना वैक्सीन वाली बांह में चुम्बक चिपकाने के वीडियो सिर्फ इसलिए शेयर किए जा रहे हैं, ताकि लोगों के मन में इस वैक्सीन को लेकर डर बैठ जाए. बांह में चुम्बक चिपकने की वजह कोरोना की वैक्सीन कतई नहीं है.  

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