ओडिशा के पुरी में 16 जुलाई से रथ यात्रा शुरू हो रही है. इस बीच जगन्नाथ मंदिर के ऊपर आसमान में चल रहे एक भव्य ड्रोन शो का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
वीडियो में कई सारे ड्रोन्स एकसाथ मिलकर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम की छवि बनाते हुए नजर आ रहे हैं. साथ ही, उनके रथ भी दिखाई दे रहे हैं. इन ड्रोन्स ने हिंदी में ‘जय जगन्नाथ’, ‘पुरी धाम’, ‘रथ यात्रा’ भी लिखा. इस नजारे को वहां मौजूद सैकड़ों लोग अपने-अपने फोन में रिकॉर्ड करते हुए भी देखे जा सकते हैं.
वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “आसमान में गूंजा जय जगन्नाथ का अद्भुत नज़ारा, देखिए भव्य ड्रोन शो” इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां ( https://archive.is/Q8ZtY ) देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो किसी असली ड्रोन शो का नहीं है. इसे AI से बनाया गया है. पुरी जगन्नाथ मंदिर, अक्टूबर 2025 से ही एक 'नो-फ्लाई जोन' है.
कैसे पता की सच्चाई?
अगर जगन्नाथ मंदिर के ऊपर हाल ही में वाकई ऐसा ड्रोन शो हुआ होता, तो ज्यादातर न्यूज आउटलेट्स ने इसके बारे में खबरें छापी होतीं, लेकिन हमें इससे संबंधित कोई भी न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
वीडियो को गौर से देखने पर इसमें कुछ लोगों के हाथ अटपटे-से नजर आते हैं. इसके अलावा वीडियो के ऊपर Gemini का एक लोगो भी नजर आता है. ये लोगो ऐसे वीडियो और तस्वीरों पर लगा होता हैं, जिन्हें गूगल AI के जरिए बनाया जाता है.
इसके बाद हमने वीडियो को SynthID टूल से चेक किया. गूगल AI से बनीं तस्वीरों और वीडियोज को डिटेक्ट करने वाले टूल SynthID ने भी यही बताया कि इसे AI से बनाया गया है. इसके अलावा Hive Moderation टूल ने भी इसके AI से बने होने की 96 फीसदी संभावना बताई.
पुरी के सिटी एसपी प्रतीक सिंह ने हमें बताया कि ये वीडियो सिंथेटिक है, क्योंकि प्रशासन ने मंदिर परिसर के ऊपर किसी उड़ने वाली चीज को मंजूरी नहीं दी है. उन्होंने ये भी कहा कि मंदिर का सम्मान करते हुए कई फ्लाइट्स भी इसके ऊपर से नहीं जाती हैं, और रथ यात्रा की वजह से जिला प्रशासन ने 16 से 27 जुलाई तक पुरी शहर के 5 किलोमीटर के दायरे को नो-ड्रोन जोन घोषित किया है.
इसके साथ ही, DGCA ने सुरक्षा का हवाला देते हुए, अक्टूबर 2025 में जगन्नाथ मंदिर को एक ‘रेड जोन’ यानी परमानेंट नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया था. ये फैसला 26 सितंबर, 2025 को लागू हुआ था और 25 सितंबर, 2028 तक लागू रहेगा. इस फैसले का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.
ऋद्धीश दत्ता