सिंगर नहीं बनना चाहती थीं कविता, आज बॉलीवुड में बड़ा नाम

कविता कृष्णामूर्ति वो सौभाग्यशाली सिंगर हैं जिन्होंने बॉलीवुड में लता मंगेशकर और आशा भोंसले की विरासत को आगे बढ़ाया. उनकी मधुर आवाज और संगीत के प्रति समर्पण ने उन्हें देश की दिग्गज गायिकाओं की फहरिस्त में लाकर खड़ा कर दिया. उनकी आवाज और गायकी को देश और दुनिया के तमाम लोगों से सराहना मिली. वे 25 जनवरी, 1958 को जन्मी थीं.

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कविता कृष्णामूर्ति कविता कृष्णामूर्ति

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

कविता कृष्णामूर्ति वो सौभाग्यशाली सिंगर हैं जिन्होंने बॉलीवुड में लता मंगेशकर और आशा भोंसले की विरासत को आगे बढ़ाया. उनकी मधुर आवाज और संगीत के प्रति समर्पण ने उन्हें देश की दिग्गज गायिकाओं की फहरिस्त में लाकर खड़ा कर दिया. उनकी आवाज और गायकी को देश और दुनिया के तमाम लोगों से सराहना मिली. वे 25 जनवरी, 1958 को जन्मी थीं.

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कविता कृष्णामूर्ति का जन्म 25 जनवरी 1958 को नई दिल्ली में रहने वाले एक तमिल अय्यर परिवार में हुआ.

कविता ने अपने शुरुआती दिनों में सुरुमा बासु से रवींद्र संगीत सीखा. फिर उन्होंने बलराम पुरी से हिंदुस्तानी क्लासिकल संगीत की तालीम ली. और 8 साल की छोटी सी आयु में ही उन्होंने एक संगीत प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता.

संगीत में रुचि रखने वाली कविता ने इंडियन फॉरेन सर्विसेज के लिये काम करने का ख्वाब देखा था, पर शायद उनके भाग्य में संगीत सेवा ही लिखी थी.

कविता की अच्छी किस्मत ही थी की 13 साल की छोटी सी उम्र में ही उन्हें, लता मंगेशकर के साथ एक बंगाली गाना गाने का मौका मिल गया. उनकी गायकी से महान गायक और संगीतकार हेमंत कुमार काफी प्रभावित हुए. और उन्हें अपने साथ स्टेज में गाने का भी अवसर दिया. इन्हीं परफॉरमेंस के दौरान क्लासिकल लीजेंड मन्ना डे ने उन्हें गाते हुए सुना और उन्हें विज्ञापनों में जिंगल गाने के लिये कहा.

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कविता के बॉलीवुड करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें संगीतकार लक्षमिकांत-प्यारेलाल का साथ मिला. इसके अलावा उन्होंने आर डी बर्मन, नदीम-श्रवण, बप्पी लहरी, अनु मलिक, रवींद्र जैन के लिये काफी गीत गाए.

उन्हें संगीत में योगदान के लिये तमाम सम्मानों से नवाजा गया. उन्होंने चार फिल्मफेयर अवार्ड जीते. साथ ही किशोर कुमार जर्नेलिस्ट एंड क्रिटिक अवार्ड, रवींद्र जैन संगीत सम्मान, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लता मंगेशकर अवार्ड और यसुदास अवार्ड भी जीते.

उन्होंने वॉयलेन वादक डॉक्टर एल सुब्रमण्यम से शादी की. उनके साथ मिल कर सुब्रमण्यम एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट नाम की संस्था खोली और म्यूजिक की ट्रेनिंग देनी शुरू की. साथ ही कई सारे रियलटी शो में जज की भूमिका में भी अपनी उपस्थिति जाहिर की.

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