सूफि‍याना गायकी के सरताज कैलाश खेर के जन्मदिन पर जाने ये खास बातें

बॉलीवुड संगीत में अपनी गायकी का एक अलग ही फ्लेवर देने वाले शानदार सिंगर कैलाश खेर का आज जन्मदिन है. आइए इस सुरीली आवाज के सरताज की जिंदगी के बारे में जानें कुछ अहम बातें.

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कैलाश खेर कैलाश खेर

पूजा बजाज

  • दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

कैलाश खेर जिनका नाम जहन में आते ही सुफी संगीत की दुनिया में डूब जाने को मन करता है. बॉलीवुड संगीत में अपनी गायकी का एक अलग ही फ्लेवर देने वाले इस शानदार सिंगर का आज जन्मदिन है. बॉलीवुड को कई गानों का तोहफा देने वाले कैलाश का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुआ 7 जुलाई 1973 को हुआ. चाहे कैलाश को भगवान की ओर से सुरीली आवाज का तोहफा मिला था लेकिन उनकी जिंदगी भी कम संघर्षपूर्ण नहीं रही. आइए इस सुरीली आवाज के सरताज की जिंदगी के बारे में जानें कुछ अहम बातें:

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जब कैलाश को आत्महत्या का ख्याल आया

इसमें कोई दो राय नहीं कि की सुरीली आवाज ने उन्हें ख्याति और सफलता दिलाई लेकिन एक समय में बिजनेस में सब कुछ गंवा देने के बाद इस चर्चित गायक ने आत्महत्या के बारे में सोचा था. जीवन के 38 बसंत देख चुके कैलाश खेर ने एक इंटरव्यू में था कि बिजनेस में भारी नुकसान और सपनों के शहर (मुंबई) जाने के बाद संयोग से गायक बन गए. कैलाश ने कहा, ‘गायकी से पहले मैं बिजनेस कर रहा था . एक ऐसा समय था जब मेरे साथ सबकुछ खराब हो रहा था और मेरे पास कुछ भी नहीं बचा था. मैं आत्महत्या करना चाहता था.’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ भी मैंने आज हासिल किया है उसमें मुंबई के मेरे एक दोस्त और भगवान ने मदद की. इसी वजह से मेरा गाना ‘अल्लाह के वंदे’ मुमकिन हुआ और इसके बाद मेरा पूरा जीवन बदल गया. जीवन में इतने सारे उलट पुलट के बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं फिर से एक अच्छी जिंदगी बिता सकूंगा.’

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स्ट्रग्ल के दौरान म्यूजिक ट्यूशन देते देते बन गए सिंगर

को संगीत का जूनून बचपन से ही चढ़ गया था. उनके पिता कश्मीरी पंडित थे और लोक गीतों में भी रुचि रखते थे. महज 13 साल की उम्र में कैलाश ने घर छोड़ दिया था. बिजनेस डूब जाने के बाद कैलाश ने बच्चों को म्यूजिक ट्यूशन देना शुरू कर दिया था. 2001 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद कैलाश खेर मुंबई आ गए. खाली जेब और घिसी हुई चप्पल पहने संघर्ष कर रहे कैलाश में संगीत के लिए कमाल का जूनून था. तभी एक दिन उनकी मुलाकात संगीतकार राम संपत से हुई. उन्होंने कैलाश को कुछ रेडियो जिंगल गाने का मौका दिया और फिर कहते हैं न कि प्रतिभा के पैर होते हैं, वो अपनी मंजिल तलाश ही लेती है.

कैलाश ने बर्थडे से पहले रिलीज किया नया गाना

आपको बता दें कि का एक बैंड भी है 'कैलासा'. इसके बैनर तले कैलाश अब तक चार एलबम रिलीज कर चुके हैं. कैलासा (2006), झूमो रे (2007), चांदन में (2009) और रंगीले (2012). मुंबई के संगीतकार भाई नरेश और परेश कामत इस बैंड में कैलाश के साथ हैं. ये दोनों पहले 'बॉम्बे ब्लैक' बैंड से जुड़े हुए थे. हाल ही में कैलाश खेर ने अपना नया गाना भोले चले रिलीज किया है. इस गाने को 'कैलासा स्टूडियो' की ओर से ही तैयार किया गया है.

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सुने कैलाश खेर का नया सॉन्ग 'भोले चले':

 

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