कारगिल के बाद जब वाजपेयी ने कराई थी दिलीप कुमार की शरीफ से बात

आज कारगिल युद्ध में भारत की जीत के 18 साल पूरे हो गए हैं. विजय दिवस के इस मौके हम आपको बॉलीवुड का एक किस्सा बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे...

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दिलीप कुमार दिलीप कुमार

वन्‍दना यादव

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 1:41 PM IST

आज 26 जुलाई को कारगिल युद्ध में भारत की जीत के 18 साल पूरे हो गए हैं. इसी दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान को खदेड़ कर कारगिल की चोटियों पर तिरंगा फहराया था. इस जंग में भारतीय सेना ने अपने कई बीर जवानों को हमेशा के लिए खो दिया था. भारत की जीत के बाद बॉलीवुड एक्टर दिलीप कुमार ने फोन पर पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से बात करते हुए उन्हें काफी फटकार लगाई थी.

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बता दें भारत ने कारगिल युद्ध 84 दिनों में जीत लिया था. इसी दौरान भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को फोन किया था और उनकी बात फिल्म एक्टर दिलीप कुमार से करवाई थी.

इस बात का जिक्र पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने अपनी किताब 'नाइदर अ हॉक नॉर अ डव' में किया है. इस किताब में कसूरी ने नवाज शरीफ के तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी सईद मेहंदी की बताई घटना का जिक्र किया है.

सईद बताते हैं कि एक दिन वह पीएम नवाज शरीफ के साथ थे तब फोन की घंटी बजी. फोन पर कहा गया कि भारत के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी आपसे बात करना चाहते हैं. बातचीत के दौरान वाजपेयी ने कहा कि हम तो लाहौर दोस्ती का पैगाम लेकर आए थे लेकिन आपने बदले में हमें कारगिल जंग दे दी. इसके बाद वाजपेयी ने कहा रुकिए जरा एक साहब से आपकी बात करवानी है.

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सईद के मुताबिक दिलीप कुमार ने नवाज शरीफ से कहा था कि मियां साहब, आप हमेशा से ही दोनों मुल्‍कों के बीच अमन के बड़े पैरोकार रहे हैं, हमें आपसे यह उम्‍मीद नहीं थी. इन हालात को संभालने के लिए कुछ कीजिए.

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बता दें कि आज कारगिल विजय दिवस है जिसे हर साल 26 जुलाई को उन शहीदों की याद में मनाया जाता हैं, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपने देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था. कारगिल युद्ध की शुरुआत साल 1999 में 8 मई को कश्मीर के कारगिल जिले में हुई थी.

 

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