नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो लॉकअप 2 के कंटेंस्टेंट सूफी मोतीवाला को कई दफा इमोशनल होते हुए देखा गया है. हालिया एपिसोड में वो अपनी सेक्सुअलिटी पर बात करते हुए भावुक हुए. सूफी ने अपनी लाइफ को लेकर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वो 2 बार सुसाइड की कोशिश कर चुके हैं. उनकी दर्द भरी कहानी सुनकर वहां मौजूद सभी कंटेस्टेंट भावुक हुए.
सूफी का छलका दर्द
शो में मेंटल हेल्थ को लेकर सभी अपनी राय रख रहे थे. इस दौरान सूफी का दर्द छलका. वो कहते हैं- मैंने दो बार सुसाइड की कोशिश की थी. लेकिन लोग मेरी बात पर यकीन नहीं करते. जब मैं 16 साल का था मैं जिंदगी से ऊब चुका था. मेरी थेरेपिस्ट ने मेरी मर्जी के बिना फैमिली को मेरी सच्चाई (समलैंगिक होना) बता दी थी. मेरे बूढ़े नाना को अंदर बुलाया और मेरे गे होने का खुलासा कर दिया. मैं रूढ़िवादी मुस्लिम फैमिली से आता हूं. उन्हें मुझसे काफी उम्मीदें थीं कि पहला बच्चा है, अच्छा बच्चा है. हमारी सारी उम्मीदों को पूरा करेगा. लेकिन जब उन्हें मेरा सच पता चला तो उन्होंने मुझे अपना बच्चा ही मानने से मना कर दिया था.
''मुझे बहुत अकेलापन महसूस होने लगा था. मैंने 16 साल की उम्र तक किसी भी गे व्यक्ति को नहीं देखा था. मुझे लगता था क्या मेरे अंदर ही कोई कमी है? क्या मैं बीमार हूं? मैं खुद से इतना निराश हो गया कि मुझे लगता था मेरा जीवन बेकार है. मैं इस हद तक पहुंच गया कि सुसाइड करने की सोचने लगा. लेकिन इसमें सबसे फनी ये है कि मेरी एंग्जाइटी ने मुझे सुसाइड करने से रोका. मेरे अंदर इस बात की बेचैनी थी कि मैं सुसाइड करूंगा तो कहां जाकर गिरूंगा. किसी को मेरी लाश को यहां से साफ करना पड़ेगा. कहीं मैं इस गाड़ी पर जाकर तो नहीं गिर जाऊंगा? कहीं मैं यहां पर तो नहीं अटक जाऊंगा? उस मोमेंट पर भी मैं किसी को निराश नहीं करना चाहता था. अपनी एंग्जाइटी की वजह से मैं सुसाइड के फैसले से पीछे हटा.''
सूफी का मानना है कि उस थेरेपिस्ट ने जो भी किया वो गलत था लेकिन उसके इस कदम की वजह से वो फ्री हुए. अगर थेरेपिस्ट उस दिन नाना के सामने उनकी समलैंगिकता का खुलासा नहीं करतीं तो वो खोखलेपन में ही बंद हो जाते. इसलिए मैं उस थेरेपिस्ट का शुक्र गुजार हूं.
सूफी पेशे से सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और फैशन कमेंटेटर हैं. लॉकअप से पहले वो द ट्रेटर्स में नजर आए थे.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क