दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज में सीनियर पुलिस ऑफिसर का रोल करने वाले एक्टर कंवलजीत सिंह ने रिलीज के सिर्फ दो दिन बाद ही फिल्म के हटने पर रिएक्ट किया है. कंवलजीत ने 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' पर सवाल उठाते हुए कहा है कि फिल्म के मेकर्स इस फैसले को कोर्ट में चैलेंज करेंगे. कई लोगों का मानना है कि सतलुज में कंवलजीत का किरदार पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल से इंस्पायर्ड है. कंवलजीत ने इस बात का भी जवाब दिया है.
कंवलजीत सिंह ने 'द फ्री प्रेस जर्नल' से बातचीत में बताया कि फिल्म हटाए जाने के तुरंत बाद उनकी डायरेक्टर हनी त्रेहान से बात हुई थी.
उन्होंने कहा, 'मैंने हनी से बात की. उन्होंने बताया कि अब वो कोर्ट जाएंगे. लेकिन मेरी समझ में नहीं आता कि फिल्म हटाने की जरूरत ही क्या थी? जो लोग इसे देखने वाले भी नहीं थे, अब वही इसे देखना चाहेंगे. फिल्म पहले ही बहुत लोगों ने डाउनलोड कर ली है. लोग तो इसे देख ही लेंगे, लेकिन नुकसान प्रोड्यूसर्स का होगा. मैं सिर्फ इतना पूछना चाहता हूं कि ये कैसी अभिव्यक्ति की आजादी है? बताइए, मुझे सच में जानना है.'
एक अलग बातचीत में आईएएनएस को कंवलजीत ने बताया कि रिलीज के बाद फिल्म का इस तरह हट जाना उनके लिए भी हैरान करने वाला था.
उन्होंने कहा, 'मैं पूरी तरह हैरान रह गया. ढाई-तीन साल तक यह मामला चलता रहा. मैं अपने डायरेक्टर हनी त्रेहान और प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला की तारीफ करूंगा कि उन्होंने कभी दबाव के आगे घुटने नहीं टेके. जब 127 कट्स की बात हुई, फिर कहा गया कि इसे कनाडा भेज सकते हैं और अचानक टोरंटो फिल्म फेस्टिवल से भी इसे हटा दिया गया. लंबे समय से इस फिल्म के साथ यही होता आया है. आखिर में जब रिलीज की परमिशन मिली तो मैंने सोचा कि अब डर किस बात का है? इतने साल बाद किस बात का विरोध होगा? वक्त बहुत से जख्म भर देता है. उसके बाद अगर कोई असहमति भी हो तो बातचीत से हल निकाला जा सकता है. इतने लंबे समय बाद कोई इस तरह रिस्पॉन्ड नहीं करता.'
कंवलजीत सिंह ने इस बात का भी जवाब दिया कि उनका किरदार, पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल से प्रेरित है या नहीं.
उन्होंने कहा, 'लोग मान रहे हैं कि मैं केपीएस गिल का रोल कर रहा हूं. लेकिन मुझे जो ब्रीफ मिला था, उसमें अलग-अलग डीजीपी और पुलिस हेड्स के वीडियो और क्लिपिंग्स देखने को कहा गया था. मेरा एक दोस्त भी रिटायर्ड डीजीपी है. मैंने उससे भी इस कैरेक्टर को लेकर लंबी बातचीत की.'
कंवलजीत ने ये भी बताया कि उन्हें किस वजह से ये फिल्म सबसे ज्यादा पसंद आई. वो बोले, 'सबसे पहले तो मुझे पहली बार इतना क्रूर किरदार निभाने का मौका मिला. पहले भी ऐसा रोल किया था, लेकिन वो इतना क्रूर नहीं था. जब मुझे बताया गया कि मैं एक खास शख्सियत जैसा लगने वाला हूं तो दिलचस्पी और बढ़ गई. ये एक ऐसी सच्ची कहानी है जिसका जिक्र कभी नहीं हुआ, जबकि ये हमारे इतिहास का हिस्सा है. यही बात मुझे इस फिल्म की तरफ खींच लाई.'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क