सलमान खान फार्म हाउस विवाद: पड़ोसी ने लगाए गंभीर आरोप, छवि खराब करने की कोशिश, हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

सलमान खान और उनके पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी केतन कक्कड़ के बीच चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया किसी को भी किसी व्यक्ति या सेलिब्रिटी को बदनाम करने का अधिकार नहीं देता.

Advertisement
विवादों में सलमान खान का फार्महाउस (Photo: Instagra @beingsalmankhan) विवादों में सलमान खान का फार्महाउस (Photo: Instagra @beingsalmankhan)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:30 PM IST

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का विवादों से गहरा नाता रहा है. इस बार उनके पड़ोसी केतन कक्कड़ के बीच चल रहा फार्म हाउस का जमीन विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया किसी को भी किसी व्यक्ति, चाहे वो आम नागरिक हो या सेलिब्रिटी, के खिलाफ मानहानिकारक बातें पोस्ट करने का अधिकार नहीं देता.

Advertisement

सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस शर्मिला देशमुख ने सलमान खान के पड़ोसी केतन कक्कड़ से कहा कि वो एक्टर के खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और वीडियो को हटाने पर विचार करें. कोर्ट ने ये भी पूछा कि जब मामला पहले से अदालत में चल रहा है, तो फिर सोशल मीडिया का सहारा क्यों लिया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?

केतन कक्कड़ अमेरिका में रह चुके एक रिटायर्ड एनआरआई हैं. उनकी जमीन रायगढ़ जिले के पनवेल इलाके में स्थित है, जो सलमान खान के मशहूर फार्महाउस अर्पिता फार्म्स के पास है.

बताया जाता है कि 1990 के दशक में जब कक्कड़ ने रिटायरमेंट के लिए जमीन खरीदी थी, तब जमीन बेचने वाली कंपनी ने उनकी मुलाकात सलमान खान के पिता सलीम खान से करवाई थी. कई सालों तक दोनों परिवारों के बीच अच्छे रिश्ते रहे. जब भी कक्कड़ परिवार अपनी प्रॉपर्टी पर आता था, सलमान के परिवार की तरफ से उनका स्वागत किया जाता था.

Advertisement

लेकिन साल 2019 में दोनों पक्षों के रिश्तों में खटास आ गई. कक्कड़ का आरोप है कि उन्हें अचानक अपनी ही जमीन पर आने-जाने से रोक दिया गया.

2.5 एकड़ जमीन को लेकर विवाद

पूरा विवाद पनवेल की 2.5 एकड़ पहाड़ी जमीन को लेकर है. कक्कड़ का दावा है कि ये जमीन उनकी है. कक्कड़ का आरोप है कि महाराष्ट्र वन विभाग ने सलमान खान के प्रभाव में आकर उनकी जमीन का आवंटन रद्द कर दिया. उन्होंने ये भी दावा किया कि एक बड़ा गेट बनाकर उनकी जमीन तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया गया.

कक्कड़ ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन तक जाने वाली सड़कें रोक दी गईं, बिजली काट दी गई और उनके इको-फ्रेंडली घर और गणपति मंदिर को भी तोड़ दिया गया. उनका ये भी कहना है कि कुछ दस्तावेजों में हेरफेर कर उनकी जमीन को निजी वन क्षेत्र घोषित किया गया.

वहीं सलमान खान की तरफ से इन सभी आरोपों को खारिज किया गया है. एक्टर के वकीलों का कहना है कि कक्कड़ जिस जमीन को खरीदना चाहते थे, उसका सौदा अवैध पाया गया था और इसी वजह से उसे रद्द कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने सलमान खान पर आरोप लगाने शुरू कर दिए.

सोशल मीडिया पर पहुंचा विवाद

Advertisement

स्थानीय स्तर पर विवाद का समाधान नहीं होने के बाद केतन कक्कड़ ने सोशल मीडिया का सहारा लिया. उन्होंने कई वीडियो और पोस्ट शेयर किए, जिनमें सलमान खान के 100 एकड़ के फार्महाउस से जुड़े कथित अवैध कामों के आरोप लगाए गए.

एक वीडियो में उन्होंने सलमान खान की तुलना बाबर और औरंगजेब से भी की थी. साथ ही गणपति मंदिर और अयोध्या मंदिर का जिक्र करते हुए विवाद को धार्मिक रंग देने की कोशिश की थी. इन वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और इसके बाद सलमान खान के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई टिप्पणियां भी आने लगीं.

सलमान ने ठोका मानहानि का केस

सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बाद सलमान खान ने केतन कक्कड़ के खिलाफ सिविल डिफेमेशन यानी मानहानि का मुकदमा दायर किया. उन्होंने गूगल, यूट्यूब, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को भी मामले में पक्षकार बनाया.

सलमान की मांग थी कि कोर्ट कक्कड़ को उनके खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक बयान या वीडियो पोस्ट करने से रोके. एक्टर का कहना था कि ये पोस्ट न सिर्फ उनकी छवि खराब कर रहे हैं, बल्कि सांप्रदायिक तनाव भी पैदा कर रहे हैं.

हालांकि निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद सलमान खान ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी.

Advertisement

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

अब हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि सोशल मीडिया तक पहुंच होने का मतलब ये नहीं है कि कोई भी किसी व्यक्ति के खिलाफ मानहानिकारक कंटेंट पोस्ट करता रहे. कोर्ट ने कक्कड़ से कहा कि वो सलमान खान के खिलाफ डाले गए पोस्ट और वीडियो हटाने पर विचार करें.

कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया कि जब मामला पहले से अदालत में विचाराधीन है, तो फिर सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाने की जरूरत क्या है. फिलहाल मामले में अंतिम फैसला नहीं आया है. हाईकोर्ट ने अभी कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है और आने वाली तारीख में इस मामले की आगे सुनवाई होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »