बहन के लिए तड़पे ऋतिक रोशन, मंदिर में रातभर मांगी दुआ, वजन घटाने की सनक में जा सकती थी जान!

ऋतिक रोशन की बहन सुनैना रोशन ने खुलासा किया है कि क्रैश डाइटिंग की वजह से उन्हें टीबी मेनिन्जाइटिस हो गया था. हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने लकवा, अंधापन और कोमा तक का खतरा बताया था.

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ऋतिक की बहन की जान जा सकती थी (Photo: ITG) ऋतिक की बहन की जान जा सकती थी (Photo: ITG)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

एक भाई अपनी बहन के लिए क्या-क्या नहीं कर सकता ये बात बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन साबित करते हैं. उनकी बहन सुनैना रोशन ने हाल ही में एक वीडियो के जरिए अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौरों में से एक का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि साल 2001 में वजन कम करने के लिए की गई क्रैश डाइटिंग ने उनकी सेहत को इतना नुकसान पहुंचाया कि उन्हें ट्यूबरकुलोसिस मेनिन्जाइटिस (TB Meningitis) जैसी गंभीर बीमारी हो गई. 

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क्रैश डाइट बना जानलेवा

डॉक्टरों ने उनके परिवार को यहां तक बता दिया था कि इससे उन्हें लकवा मार सकता है, उनकी आंखों की रोशनी जा सकती है या वे कोमा में भी जा सकती हैं. अपने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सुनैना ने बताया कि उन्होंने पहले भी बताया था कि कैसे क्रैश डाइटिंग की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी.

सुनैना ने कहा- दो-तीन दिनों तक मुझे कुछ भी होश नहीं था. मेरे परिवार को डॉक्टर फरोख उदवाडिया ने बताया था कि मेरी हालत इतनी गंभीर है कि मुझे लकवा हो सकता है, मेरी आंखों की रोशनी जा सकती है या मैं कोमा में भी जा सकती हूं. किसी को नहीं पता था कि आगे क्या होगा.

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उन्होंने बताया कि इस मुश्किल समय का असर उनके पूरे परिवार पर पड़ा था. सुनैना ने कहा- मेरे भाई ने तो मेरे ठीक होने की दुआ मांगने के लिए पूरी रात मंदिर में बिताई थी. डॉक्टर ने कहा था कि मेरे ठीक होने की पहली निशानी ये होगी कि मैं खाना मांगूंगी. कई दिनों बाद जब मैंने खाने के लिए कहा, तो मेरे परिवार के लिए वही पल उम्मीद की किरण बन गया.

वजन कम करने की सनक 

अपनी रिकवरी के बारे में बताते हुए सुनैना ने कहा- TB मेनिन्जाइटिस का पता चलने के बाद मैं एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रही. इसके बाद बीमारी दोबारा न लौटे, इसलिए मुझे चार महीने तक घर पर ही रहना पड़ा. भारी-भरकम दवाइयां लेनी पड़ीं और ये सब सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि मेरी इम्युनिटी पूरी तरह कमजोर हो चुकी थी. इसकी सबसे बड़ी वजह थी क्रैश डाइटिंग.

उन्होंने अपने फॉलोअर्स को संदेश देते हुए कहा- तभी मुझे समझ आया कि कोई भी लक्ष्य आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं होता. शॉर्टकट अपनाने के बजाय हमेशा सही पोषण और स्वस्थ तरीके को चुनिए. अगर मेरी कहानी आपको सोचने पर मजबूर करती है, तो इसे उन लोगों तक जरूर पहुंचाइए जिन्हें इसकी जरूरत है.

वीडियो के साथ सुनैना ने लिखा- साल 2001 में एक क्रैश डाइट मुझे ऐसे रास्ते पर ले गई जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. इसके बाद मेरी जिंदगी का एक बेहद अहम अध्याय शुरू हुआ, जिसने मुझे हमेशा के लिए बदल दिया. इस अनुभव ने स्वास्थ्य, पोषण और शॉर्टकट्स को लेकर मेरी सोच पूरी तरह बदल दी. धैर्य रखिए, सही पोषण चुनिए और जल्दबाजी में गलत फैसले मत लीजिए.

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इससे पहले सुनैना ने अपनी हेल्थ जर्नी सीरीज की शुरुआत करते हुए बताया था कि एक पैर की चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा था. इसी दौरान वजन कम करने के दबाव में उन्होंने क्रैश डाइटिंग शुरू कर दी, जिसका गंभीर असर उनकी सेहत पर पड़ा. सुनैना की इस पोस्ट पर उनके माता-पिता ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी. 

रोशन परिवार को लाडली पर गर्व

उनकी मां पिंकी रोशन ने लिख- 25 साल बाद तुम्हारी कहानी दोबारा सुनना मेरे लिए बेहद भावुक कर देने वाला है. मुझे याद है कि तुमने मानसिक और शारीरिक रूप से कितनी मजबूती से इस लड़ाई का सामना किया था. तीन हफ्ते बाद डॉक्टर ने कहा था कि अब तुम खतरे से बाहर हो, लेकिन पूरी तरह ठीक होने का सफर अभी लंबा है. मुझे तुम पर गर्व है.

वहीं उनके पिता और मशहूर फिल्ममेकर राकेश रोशन ने बेटी की हिम्मत की तारीफ करते हुए लिखा- तुम्हारा ये अनुभव साझा करना कई लोगों को हिम्मत और ताकत देगा. सुनैना ने भी अपने माता-पिता को उनके प्यार, साथ और समर्थन के लिए धन्यवाद कहा और बताया कि उनके सहयोग के बिना वह इस मुश्किल दौर से बाहर नहीं निकल पातीं.

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