अंजलि आनंद इस समय बॉलीवुड में एक नया स्टैंडर्ड सेट कर रही हैं. उन्हें एक वक्त पर बॉडी-शेमिंग का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब अपने टैलेंट के दम पर वो लोगों की सोच बदल रही हैं. हाल ही में आई अजय देवगन की धमाल 4 में उनके काम को सराहा जा रहा है. फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है.
अंजलि आनंद ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की थी, जिसके बाद उन्हें धीरे-धीरे फिल्मों में काम मिलता रहा. उनका सबसे ज्यादा पॉपुलर काम करण जौहर की फिल्म रॉकी रानी की प्रेम कहानी में रहा. हाल ही में अंजलि ने अपनी फिल्मी जर्नी पर बात करते हुए, अक्षय कुमार की एक फिल्म का जिक्र किया जिसपर उन्होंने बड़ा दावा किया है.
अक्षय की फिल्म में उड़ा मजाक?
एक्ट्रेस का मानना है कि उन्हें साल 2021 में आई अक्षय की फिल्म बेल बॉटम में रोल इसलिए मिला क्योंकि उनका वजन बढ़ा हुआ है. स्क्रीन से बातचीत में अपनी डेब्यू फिल्म को लेकर अंजलि आनंद कहती हैं- मैंने बेल बॉटम में सिर्फ इसलिए काम किया था ताकि फिल्म में एक आतंकवादी मेरे ऊपर गिरकर पकड़ा जाए. मुझे अक्सर ऐसे ही रोल ऑफर होते हैं क्योंकि मेरा वजन ज्यादा है. जब लोग सिर्फ मेरे मोटापे का मजाक उड़ाते हैं, तो बहुत दुख होता है.
'वो ये भी नहीं देखते कि मैं अच्छी कलाकार हूं या नहीं. वो सिर्फ मेरे शरीर को देखकर मुझे जज करते हैं. उनके हिसाब से मैं उनकी तय की हुई खूबसूरती या फिटनेस के पैमानों पर फिट नहीं बैठती. लेकिन ऐसे लोगों के लिए तो दीपिका पादुकोण और ऐश्वर्या राय जैसी एक्ट्रेसेस भी अच्छी नहीं हैं. यहां तक कि शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों को भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. ऐसे लोग सिर्फ अपनी राय देने के लिए कुछ भी कह देते हैं. लेकिन उनकी सोच या उनकी बातों से आपकी सच्चाई नहीं बदलती.'
एक जैसे रोल्स मिलकर टाइपकास्ट हुई एक्ट्रेस
अंजलि ने आगे एक जैसे रोल्स मिलने पर भी अपनी दिल की बात कही. उन्होंने कहा- रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में मेरा किरदार पहली बार बॉडी शेमिंग के खिलाफ अपने लिए खड़ा होता दिखा. इससे पहले फिल्मों में मोटी लड़की को सिर्फ मोटी लड़की के रूप में ही दिखाया जाता था. उसे हमेशा ज्यादा खाना खाते हुए दिखाया जाता था और उसका किरदार सिर्फ लोगों को हंसाने के लिए होता था. कभी कोई उस पर गिर जाता था, तो कभी उसे बर्गर खाते हुए दिखा दिया जाता था.
'किसी ने ये नहीं दिखाया कि एक मोटे इंसान की भी अपनी सोच और आवाज हो सकती है. जब मुझे इतना ध्यान और पहचान मिलने लगी, तो मुझे डर भी लगने लगा. क्योंकि जहां अच्छे लोग आपकी तारीफ करते हैं, वहीं कुछ लोग ट्रोल भी करते हैं और बुरी बातें भी कहते हैं. असल जिंदगी में मुझे कभी अपने लिए इस तरह खड़ा होने की जरूरत नहीं पड़ी.'
अंजलि ने अंत में कहा- किसी की हिम्मत नहीं होती कि मेरे सामने आकर मेरे वजन को लेकर कुछ कहे. लोग सबसे पहले मेरा वजन नहीं, बल्कि मेरी शख्सियत देखते हैं. मेरी निजी जिंदगी में लोग मुझे वैसे इंसान के रूप में पसंद करते हैं जैसी मैं हूं. रॉकी और रानी की प्रेम कहानी'ने फिल्म इंडस्ट्री की सोच जरूर बदली, लेकिन इसके बाद मुझे एक ही तरह के किरदारों में बांधकर देखा जाने लगा. मैंने डब्बा कार्टेल और रात जवान है जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए उस छवि को बदलने की कोशिश की.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क