मराठी डायरेक्टर पर भारी पड़ी शाहरुख की दिलदारी! नाम लेने पर हुए ट्रोल, दिया जवाब

शाहरुख खान ने मराठी सिनेमा की फिल्म देऊल बंद 2 के लाखों रुपये का बिल माफ किया था. जब डायरेक्टर ने इसका खुलासा किया, तो बाद में चलकर उनकी इसपर काफी आलोचना हुई. अब उन्होंने उन सभी लोगों को जवाब दिया, जिन्होंने उनकी आलोचना की.

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शाहरुख के सपोर्ट पर मिली नफरत (Photo: IMDB) शाहरुख के सपोर्ट पर मिली नफरत (Photo: IMDB)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

सुपरस्टार शाहरुख खान का दिल कितना बड़ा है, इसकी एक झलक हमें हाल ही में देखने मिली. मराठी सिनेमा की तरफ से आई फिल्म देऊल बंद 2, बॉक्स ऑफिस पर सफलता पा रही है. इसके पीछे शाहरुख की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट का बहुत बड़ा हाथ है. उन्होंने फिल्म को बड़े पर्दे तक पहुंचाने के लिए जो DCP (डिजिटल सिनेमा पैकेज) का बिल आता है, उसे पूरी तरह माफ किया जिसकी कीमत करीब 42 लाख रुपये बताई गई. ये खुलासा खुद देऊल बंद 2 फिल्म के डायरेक्टर प्रवीण तारडे ने अपने इंटरव्यू में किया था. 

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फिल्म का बजट मात्र 8-10 करोड़ रुपये है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर करीब 82 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया. डायरेक्टर की इस बात का इंटरनेट पर अलग रिएक्शन देखने मिला. लोगों ने उनपर सवाल खड़े करने शुरू किए. उन्होंने कहा कि प्रवीण तारडे किसी बॉलीवुड स्टार की इतनी तारीफ क्यों कर रहे हैं, जबकि उनकी फिल्म इतनी बड़ी सक्सेस बन गई? अब इस मुद्दे पर उन्होंने जवाब दिया है. 

ट्रोलिंग पर बोले देऊल बंद 2 के डायरेक्टर

प्रवीण तारडे ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो शेयर करके उन लोगों को जवाब दिया, जिन्होंने उनपर शाहरुख को क्रेडिट देने के लिए सवाल उठाए. उन्होंने कहा- मैं इतने दिनों से पूरे महाराष्ट्र में घूम रहा हूं, लेकिन किसी ने मुझे ध्यान से देखा तक नहीं. मगर जैसे ही मैंने एक बॉलीवुड स्टार का नाम लिया, सबकी कलम तुरंत चलने लगे. कुछ लोग पहले ही इस फिल्म को रोकने की बहुत कोशिश कर चुके थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.

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'अब वो इसे घुमाकर, अप्रत्यक्ष तरीके से रोकने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? ये फिल्म बिना किसी बड़े नाम या प्रभावशाली लोगों के सहारे के इतनी दूर तक पहुंची है, क्योंकि इसके पीछे का काम पूरी तरह ईमानदार और सच्चा रहा है. सबको धन्यवाद.'

प्रवीण ने आगे मराठी राइटर विंदा करंदीकर की एक कविता की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा- किसी को उसका हक मारकर तुम्हारी इज्जत नहीं बढ़ती. जिसने जो कमाया है, उसे उसका श्रेय जरूर दो. चाहे वह फिल्म का किरदार पित्या हो या शाहरुख खान, कोई फर्क नहीं पड़ता. अगर किसी ने तुम्हारी मदद की है, तो तुम्हें खुलकर उसका नाम लेना चाहिए और उसकी तारीफ करनी चाहिए.'

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