अरबाज मर्चेंट के बयान से साफ था आर्यन के पास ड्रग्स नहीं, फिर गिरफ्तारी क्यों?

आर्यन खान को ड्रग्स मामले में क्लीन चिट मिल गई है. लेकिन इस पूरी कार्रवाई ने ही जांच एजेंसी को सवालों के घेरे में ला दिया है. सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस आधार पर आर्यन की गिरफ्तारी हुई थी?

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आर्यन खान आर्यन खान

विद्या / अरविंद ओझा / कमलजीत संधू

  • मुंबई,
  • 27 मई 2022,
  • अपडेटेड 11:02 PM IST
  • चार्जशीट में लिखा- वाट्स ऐप को सबूत माना गया
  • कोर्ट में प्राथमिक स्त्रोत नहीं माना जाता वाट्स ऐप

ड्रग्स मामले में एनसीबी की तरफ से एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को क्लीनचिट दे दी गई है. कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की गई है कि उसमें आर्यन का नाम ही नहीं है. एनसीबी के डीजी एस एन प्रधान ने माना है कि इस मामले में समीर वानखेड़े और उनकी टीम से गलती हुई है. ऐसे में सवाल उठता है कि किस आधार पर आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था? 

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इस मामले में कई बड़े किरदार थे जिनके दम पर केस को आगे भी बढ़ाया गया और आर्यन खान की गिरफ्तारी भी हुई. लेकिन ड्रग्स केस की सबसे बड़ी कड़ी आर्यन खान के ही दोस्त अरबाज मर्चेंट थे जिन्होंने पहले दिन ही पूछताछ के दौरान साफ कर दिया था कि आर्यन खान के पास कोई ड्रग्स नहीं थे. जो ड्रग्स क्रूज पर मिले भी थे, वे उनके खुद के लिए थे, आर्यन का उससे कोई लेना देना नहीं था. पूछताछ में अरबाज ने इस बात को स्वीकार किया था कि उसके पास चरस थी. लेकिन उसने तब ये भी स्पष्ट किया था कि आर्यन की तरफ से कहा गया था कि ड्रग्स नहीं लाने चाहिए क्योंकि एनसीबी काफी सक्रिय है.

पूछताछ में अरबाज ने एनसीबी को ये भी बताया था कि आर्यन को इस बात की जानकारी थी कि वो कभी-कभार ड्रग्स लेता है. उसकी माने तो इसी वजह से आर्यन ने शुरुआत में ही क्रूज में ड्रग्स ना ले जाने की बात कही थी. उसे इस बात का अहसास था वे परेशानी में फंस सकते हैं. एनसीबी की एसआईटी में जांच अधिकारी आशीष रंजन प्रसाद की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए गए हैं. चार्जशीट में लिखा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रसाद इस मामले में आर्यन खान को फंसाना चाहते थे. जांच के कई ऐसे पहलू भी रहे जो इस समय सवालों के घेरे में आ गए हैं.

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उदाहरण के लिए जब अरबाज ने स्पष्ट कर दिया था कि आर्यन खान ड्रग्स नहीं लेता है, फिर भी प्रसाद द्वारा उसका वाट्स ऐप चेक किया गया था. पुरानी चैटों को खंगाला गया था. ये उस समय की बात थी जब आर्यन के फोन को औपचारिक रूप से सीज भी नहीं किया गया था. इसके अलावा जिस तरीके से मामले के गवाह प्रभाकल सेल से एक खाली कागज पर साइन करवाए गए थे, इसने भी जांच एजेंसी पर ही सवाल खड़े किए.

चार्जशीट में इस बात पर भी आपत्ति दर्ज करवाई गई है कि एनसीबी की पिछली जांच टीम ने केस के दौरान वाट्स ऐप चैट्स पर जरूरत से ज्यादा भरोसा जताया जबकि उसे कोर्ट में सबूत का प्राथमिक स्रोत नहीं माना जाता है. लेकिन ये जानते हुए भी आर्यन खान का वाट्स एप खंगाला गया और जिन लोगों से उसकी बातचीत हुई, उनसे भी सवाल जवाब किए गए.

अब केस का ये पहलू तो अरबाज मर्चेंट से जुड़ा हुआ रहा, लेकिन इस पूरे मामले में एक्ट्रेस अनन्या पांडे का बयान भी महत्वपूर्ण रहा. जब एनसीबी ने पिछले साल 22 अक्टूबर को अनन्या पांडे का बयान रिकॉर्ड किया था, तब आर्यन के साथ ड्रग्स चैट पर एक्ट्रेस ने कहा था कि वो एक पुराना मजाक चल रहा था और उसी को लेकर आर्यन से बात हुई थी. उन्होंने ये बयान ऑफिसर विश्वनाथ तिवारी के सामने दिया था. हैरानी की बात ये है कि तब आर्यन ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वीड को लेकर उसकी अनन्या से बात हुई थी. लेकिन जब वहीं सवाल अनन्या के सामने रखा गया, उन्होंने साफ इनकार करते हुए आर्यन को झूठा बता दिया.

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वैसे एनसीबी ने अपनी चार्जशीट में कई कारणों के जरिए बताया है कि आखिर क्यों आर्यन खान को क्लीन चिट दी गई. उनके मुताबिक जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि क्रूज पार्टी में आर्यन खान ड्रग्स की साजिश का हिस्सा थे. इसके अलावा  NCB को आर्यन खान का किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट में कोई लिंक नहीं मिला. इस बात का भी जिक्र किया गया कि मामले की जांच कर रही SIT ने पाया कि कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई थीं, इस दौरान आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था.

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